लखीमपुर के विकास भवन के एक दफ्तर में पसरा सन्नाटा। संवाद
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के फैलने की तेज रफ्तार और कई कर्मचारियों व शिक्षकों की मौत होने के बाद सरकारी दफ्तरों में सन्नाटा पसरने लगा है। बृहस्पतिवार को विकास भवन के कई दफ्तरों में गिनती के एक-दो कर्मचारी ही नजर आए। पंचायत चुनाव के दौरान कई अधिकारी और शिक्षक संक्रमित मिले थे, जिसके बाद लगातार कर्मचारियों के संक्रमित होने का सिलसिला जारी है। इससे कई विभागों के कर्मचारी छुट्टी पर चले गए हैं, तो कुछ मेडिकल अवकाश पर चले गए हैं।
जनपद में 10 दिनों के अंतराल में प्रतिदिन 300 से 500 लोग कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं, जिसमें सबसे ज्यादा लखीमपुर ब्लॉक क्षेत्र में संक्रमित मिल रहे हैं। इसमें कई कर्मचारी-अधिकारी भी संक्रमित मिले हैं। विकास भवन के निकट स्थित बीएसए कार्यालय में कई कर्मचारी संक्रमित हो चुके हैं, जबकि दो कर्मचारियों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा कुछ दिनों के अंदर संदिग्ध हालात में कई शिक्षकों की मौत हो चुकी है। ज्यादातर मौतों के मामलों में ऑक्सीजन लेवल कम होने की बात कही जा रही है। इससे कर्मचारियों व अधिकारियों में कोरोना का खौफ बढ़ने लगा है, जिसकी दूसरी वजह यह है कि दूसरे जनपदों में कई अधिकारियों की भी जान जा चुकी है और लगातार संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। इससे दफ्तरों से कर्मचारी नदारद होने लगे हैं। समाज कल्याण विभाग, जिला कृषि अधिकारी कार्यालय, एआर कोआपरेटिव कार्यालय, डीपीआरओ कार्यालय में कर्मचारियों की उपस्थिति 50 फीसदी से कम रही। अपराह्न तीन बजे तक कई दफ्तरों में एक-दो कर्मचारी ही नजर आए, क्योंकि ज्यादातर कर्मचारी हाजिरी लगाने के बाद चले गए। ऐसे ही कलेक्ट्रेट स्थित दफ्तरों में भी सन्नाटा पसरा रहा। तो वहीं गांवों से आने वाले फरियादी भी नहीं आ रहे हैैं।
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कई दिन की छुट्टियों के बाद बृहस्पतिवार को दफ्तर खुले, जिससे कर्मचारियों की संख्या कम रही। इसके अलावा कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के चलते कर्मचारी दफ्तर आने से बच रहे हैं। अभी 50 प्रतिशत उपस्थिति के संबंध में कोई गाइड लाइन जारी नहीं हुई है।
-सुधांशु शेखर, जिला समाज कल्याण अधिकारी