फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संदिग्ध हालात में मौतों से दहशत में न आएं... लक्षण दिखें तो तुरंत जांच करवाएं

विज्ञापन
corona
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। जनपद में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अप्रैल में एक के बाद एक लगातार हो रही मौतों से लोग खौफजदा हैं। मरने वालों में ऐसे लोग ज्यादा है, जिसमें मरने का कारण स्पष्ट नहीं है। अकेले जिला अस्पताल में ही एक अप्रैल से अब तक 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई हैं। जबकि, शहर के कुछ मोहल्लों में एक ही परिवार के कई लोग काल कवलित हुए हैं। यह सब वे लोग हैं, जिनकी कोरोना जांच नहीं हुई थी। डॉक्टरों का कहना है कि सेहत में कुछ भी संदिग्ध लगने पर बिल्कुल लापरवाही नहीं बरतें और खुद से इलाज न शुरू कर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें। उन्होंने बताया कि संदिग्ध लक्षण मिलने वाले मरीजों के लिए अलग से 80 बेड का अस्पताल बनाया गया है। ऐसे में जरूरी है कि लगातार हो रही संदिग्ध हालात में मौतों से दहशत में न आएं बल्कि संदिग्ध लक्षण मिलने पर तुरंत जांच कराएं।
विज्ञापन

जनपद में अप्रैल महीने में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ बढ़ा तो बढ़ता ही चला गया। एक अप्रैल को जहां जनपद में सिर्फ 63 एक्टिव केस थे, वहीं 21 अप्रैल को एक्टिव मरीजों की संख्या 3149 पर पहुंच गई। सरकारी आंकड़ों में कोरोना से अकेले अप्रैल महीने में 11 मौतें हुई हैं, जबकि पूरे कोरोनाकाल में कुल 111 मौतें हुई हैं। जबकि, जिला अस्पताल में अकेले अप्रैल महीने के 20 दिनों में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इनमें सबसे ज्यादा वे लोग बताए जा रहे हैं, जिन्हें सांस की तकलीफ थी। इसके अलावा शहर के कुछ मोहल्लों में कुछ दिनों के अंतराल में कई लोगों की जान गई है। जिससे शहर के लोग काफी दहशत में हैं। पिछले हफ्ते संतोषनगर में तीन भाइयों की मौत के बाद अब तक कुल छह लोगों की मौत हो चुकी है तो संकटा देवी मोहल्ले में एक ही परिवार के तीन दिनों के अंतराल में तीन लोगों की मौत हो हुई है। इसके अलावा बीएसए कार्यालय के दो बाबुओं की आकस्मिक मौत के बाद चुनाव ड्यूटी से लौटे कई शिक्षकों की भी मौत की बात सामने आई है। ऐसे में सोशल मीडिया से लेकर लोगों की जुबान पर जनपद में बढ़ रही मौतों की चर्चा है, जिससे लोग दहशत में हैं। खास बात यह है कि इन लोगों की कोरोना जांच नहीं हुई थी। हालांकि डॉक्टर इसे वायरस के नए म्यूटेंट से जोड़कर देख रहे हैं।
-
सतर्क रहें, खुद से न करें इलाज
लगातार हो रही मौतों की वजह जानने के लिए जब सीएमओ मनोज अग्रवाल से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह तो बिना जांच के नहीं कहा जा सकता कि लगातार हो रही मौतों का कारण क्या है। लेकिन, पिछली बार की अपेक्षा इस बार का वायरस ज्यादा मजबूत है। यह वायरस लगातार अपना रंग बदल रहा है और इसके तीन तीन म्यूटेंट देखे जा रहे हैं। उनका कहना है कि, इस बार कोरोना वायरस अगर एक व्यक्ति को हो गया, तो उसके पूरे परिवार के संक्रमित होने का खतरा बढ़ रहा है। इसलिये सिर्फ यही बेहतर है कि अलर्ट रहें। सिर्फ खुद ही अपना ख्याल रखकर बचा जा सकता है।
विज्ञापन

-
बुखार, खांसी हो तो घबराएं नहीं जांच करवाएं
शहर में कई मामले ऐसे सामने आए हैं जिसमें मरने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। इस संबंध में सीएमओ का कहना है कि, स्पष्ट कारण तो जांच के बाद ही पता चलेगा। लेकिन, अगर किसी को भी कुछ संदिग्ध लगता है और बुखार, खांसी या जुकाम है तो वह बिना देरी किए अपनी जांच करवाए, जिससे उसका उचित इलाज शुरू किया जा सके। जांच के बाद रिपोर्ट पॉजिटिव भी आती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। समय पर दवा और परहेज से कई लोगों ने कोरोना संक्रमण को मात दी है।
-
सांस के मरीज रखें विशेष ख्याल
जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों में 20 दिनों के अंदर 150 से ज्यादा मरीजों की मौत हुई है। जानकारी के मुताबिक इनमें 80 फीसदी वे मरीज हैं, जिनको सांस लेने में समस्या थी।
-
संदिग्ध लक्षण दिखें तो सबसे पहले खुद को आइसोलेट करें
डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना से खुद को बचाने का सिर्फ एक तरीका है कि अव्वल तो जागरूक रहें। बुखार, खांसी या सांस लेने में तकलीफ हो तो घबराएं नहीं, सबसे पहले खुद को आइसोलेट करें। परिवार से दूरी बनाएं और जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से संपर्क करें। ऐसे में अगर कोरोना नहीं होगा तो, खुद को तसल्ली भी होगी और अगर जांच में संक्रमित निकले तो कम से कम पूरा परिवार चपेट में आने से बच सकेगा।
-
अगर लक्षण दिखें तो क्या करें
- गर्म पानी पीते रहें
- जिंक, विटामिन सी की दवाएं लें
- दाल, दलिया, पनीर जैसी प्रोटीन डायट लें
- नींबू, संतरा या खट्टे फल का सेवन करें
- हल्दी मिले पानी या गर्म पानी से गरारे करें
- अच्छी नींद लें, सकारात्मक सोचें
- नकारात्मक सोच कर धड़कनें न बढ़ाएं
- परिवार से दूरी बनाएं रखें
- खुद के बिस्तर या कपड़े किसी से छूने न दें
- लंबी गहरी सांस लेने की आदत डालें
-
वायरस का म्यूटेंट तीन तरह का है, जिससे यह अलग-अलग लोगों पर अलग-अलग असर डाल रहा है। सभी लोग कोविड गाइडलाइन का पालन कर ही बच सकते हैं। कुछ भी संदिग्ध दिखने पर तुरंत जांच करवाएं, जिससे समय रहते इलाज किया जा सके। संदिग्ध मरीजों के लिए भी जगसड़ में 80 बेड का अलग से अस्पताल बनाया गया है। कोरोना से मृत्यु दर दो प्रतिशत से भी कम है।
-मनोज अग्रवाल, सीएमओ
-
हम ठीक हुए आप भी ठीक होंगे
कोरोना को मात दे चुके जिला अस्पताल के आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. विजय प्रकाश वर्मा का कहना है कि फ्लू वार्ड में ड्यूटी के दौरान वह संक्रमित हुए थे, लेकिन उन्होंने होम क्वारंटीन रहकर समय पर दवाइयां लेकर कोरोना को मात दे दी। कोरोना को हराने की पहली सीढ़ी जांच है, इसलिए लक्षण महसूस होते ही जांच करवाएं और डॉक्टर से परामर्श लेकर दवाओं का सेवन कर खुद को अलग रखें। पांच से सात दिन में स्वास्थ्य सुधरने लगता है।
-
जिला अस्पताल के वार्ड अटेंडेंट राजेश कुमार बताते हैं कि सर्दी, जुकाम, बुुखार लगने पर जांच कराई, जो पॉजिटिव निकली। होम क्वारंटीन रहकर नियमों का पालन कर कोरोना से जंग जीती। ईमानदारी से सावधानी बरतकर ही कोरोना से बचा जा सकता है। इसके लिए सबसे जरूरी है कि दो गज की दूरी और मास्क है जरूरी नियम का पालन करना।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें