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खतरे की घंटी: कोरोना जांच कराकर बाजार में घूम रहे लोग

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नहीं मान रहे लोगः विलोबी मैदान में कोरोना जांच कराने आए लोगों ने उड़ाई कोविड गाइड लाइन की धज्जिया - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। ऐसे में दिन प्रतिदिन कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस बार हालात पिछले साल से कहीं ज्यादा बुरे हैं। बढ़ते मामलों के बीच जांच भी बढ़ी हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट में देरी होने पर कोरोना की जांच करवाकर लोग सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे हैं, जिससे संक्रमितों की संख्या और बढ़ती जा रही है।
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जनपद में ऐसे तमाम लोग हैं, जिन्हें पॉजिटिव होने की जानकारी रिपोर्ट मिलने पर हुई। जबकि जांच कराने से लेकर रिपोर्ट आने तक वह लोग कोरोना की चेन बनते रहे। इसमें सबसे बड़ा कारण जांच रिपोर्ट आने में लगने वाला वक्त भी है। आरटीपीसीआर जांच के लिए चार दिन से करीब एक सप्ताह का समय लग जाता है। ऐसे में कोरोना जांच करवाने के बाद लोग बाजार और अन्य जगहों पर घूमते रहते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ता जाता है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ बलबीर सिंह का कहना है कि प्रोटोकॉल के अनुसार जो लोग अपनी जांच कराएं, वह अपने को संक्रमित मानकर एहतियात बरतें। न तो घर से बाहर न निकलें और घर में भी परिवार से तब तक दूरी बनाकर रहें, जब तक जांच रिपोर्ट न आ जाए। ऐसे में यदि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आएगी तो घर परिवार के साथ मिलने जुलने वाले सुरक्षित रहेंगे। जांच निगेटिव आने के बाद ही लोगों के संपर्क में आएं। मगर, कुछ लोग जांच के लिए सैंपल तो देते हैं, लेकिन जांच रिपोर्ट आने से पहले खुद को निगेटिव मानकर हर जगह आना जाना जारी रखते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ रहा है।
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आरटीपीसीआर रिपोर्ट का करें इंतजार
स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि एंटीजन जांच में निगेटिव आने के बावजूद आरटीपीसीआर की रिपोर्ट आने तक सावधानी बरतनी चाहिए। सबसे अच्छा रहेगा कि इस दौरान होम क्वारंटीन रहकर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।
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इस तरह प्राप्त करें अपनी रिपोर्ट
कोरोना की जांच कराने वाले लोग लैबरिपोर्ट्सडॉटयूपी19ट्रैक्सडॉटइन वेबसाइट पर जाकर जांच के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर को दर्ज कर अपनी रिपोर्ट प्राप्त कर सकते हैं। मोबाइल नंबर दर्ज करने पर एक ओटीपी आता है, जिसके बाद ओटीपी नंबर डालते ही रिपोर्ट सामने आ जाती है।
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आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लखनऊ भेजे जाते हैं, जहां पर कई जिलों से सैंपल आते हैं। इसलिए रिपोर्ट में देरी होती है। वैसे जांच कराने वालों से अपील है कि स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतें। रिपोर्ट आने तक होम क्वारंटीन हो जाएं, जिससे संक्रमित होने की स्थिति में दूसरों के लिए खतरा न बनें।
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-डॉ मनोज अग्रवाल, सीएमओ
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