लखीमपुर खीरी। लॉकडाउन के चलते सरकार ने बेरोजगार हुए श्रमिकों, पटरी दुकानदार, वेंडर्स, रिक्शा, तांगा चालक, टेंपो, आटो, ई-रिक्शा चालकों, दिहाड़ी मजदूरों, मंडियों में पल्लेदारी करने वाले मजदूरों, ठेलिया चलाने वालों को एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक मदद देने का आदेश दिया है। इसके लिए शासन से तीन करोड़ रुपये बजट भी मिल गया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने 31 मार्च से पहले श्रमिकों के खाते में पैसा भेजने के लिए एडीएम अरुण कुमार सिंह की अगुवाई में टीम गठित की है, जिसमें संबंधित तहसीलों के एसडीएम, एलडीएम और सहायक श्रमायुक्त को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। डीएम ने पंजीकृत श्रमिकों के बैंक खातों में जल्द भुगतान हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही जो श्रमिक पंजीकृत नहीं है, उनकी सूची तैयार करने के लिए निकायों के अधिशासी अधिकारी और तहसीलदारों को नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
राशन कार्ड बनाकर अनाज उपलब्ध कराएगा पूर्ति विभाग
पंजीकृत निर्माण श्रमिकों, दिहाड़ी मजदूरों को तीन माह तक मुफ्त अनाज कोटे की दुकानों से दिया जाएगा। डीएम ने ऐसे गरीब दिहाड़ी मजदूरों जिनके पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं हैं, उनका राशन कार्ड उनके निवास के पते पर प्राथमिकता के आधार बनाते हुए अप्रैल माह का अनाज उपलब्ध कराने के निर्देश जिला पूर्ति अधिकारी को दिए हैं।