लखीमपुर खीरी। खाद्य सामग्री की कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। मोहल्ले की दुकानों पर 20 प्रतिशत ज्यादा मूल्य पर खाद्य सामग्री बेची जा रही है। जबकि बाजार में पुराने रेट पर ही सामान बिक रहा है।
लॉकडाउन के दौरान खाद्य सामग्री की कालाबाजारी रोकने के लिए हर तहसील में एसडीएम के नेतृत्व में टीमें गठित की गई हैं। फिर भी मोहल्लों की दुकानों पर आटा, दाल, चावल से लेकर व्रत में खाने वाली सामग्री मनमाने दामों पर बेची जा रही है। लेकिन संकट की इस घड़ी में लोग मनमाने दामों पर भी खाद्य सामग्री खरीदने को मजबूर हैं।
भाड़े के नाम पर बढ़ा रहे 20 प्रतिशत दाम
मोहल्लों के दुकानदार बताते हैं कि बाजार से सामान लाने के लिए भाड़ा देकर वाहन करना पड़ता है। इसलिए महंगा बेचना पड़ रहा है।
सामग्री बाजार मूल्य मोहल्ले के रेट (प्रति किलोग्राम में)
मूंगफली दाना 100 160
किशमिश 220 400
अरहर दाल 60 से 90 120 से 150
उरद दाल 70 से 85 90 से 110
चावल 26 से 50 35 से 70
मैदा 25 30
आटा 27 32
चीनी 36 से 38 40
चना दाल 60 से 65 70 से 80
काजू 650 800
नारियल 140 160
27 रुपये प्रति किलो मिलेगा आटा
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार संगठन के जिलाध्यक्ष संजय गुप्ता कन्हैया ने दुकानदारों से अपील है कि इस विपत्ति में मुनाफा कमाने की न सोचकर लोगों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने के लिए आगे आएं। उन्होंने बताया कि सभी को 27 रुपये प्रति किलो आटा मुहैया कराया जाए।