जिला सहकारी बैंक परिसर में धरना देते संघ के पदाधिकारी। स्रोत: संगठन
लखीमपुर खीरी। कोऑपरेटिव बैंक कर्मचारी संघ के आह्वान पर बुधवार को जिला सहकारी बैंक के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पिछले पांच वर्षों से लंबित मांगों के समाधान न होने के विरोध में किया गया।
संघ के अध्यक्ष लायक गिरी ने बताया कि जिला सहकारी बैंकों में मानव संसाधन की कमी, वेतन पुनरीक्षण में देरी, पदोन्नति, बोनस, अर्जित अवकाश नकदीकरण और सेवानिवृत्ति लाभ जैसे मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि बार-बार मांगपत्र देने और वार्ता की मांग के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने यह भी कहा कि कर्मचारियों पर अवकाश के दिनों में भी काम करने का दबाव बनाया जाता है, जो श्रम नियमों के विपरीत है। घोषित आंदोलन कार्यक्रम के तहत 30 अप्रैल को मंडल स्तर पर ज्ञापन दिया जाएगा, 8 मई को लखनऊ में उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा और 22 मई को आयुक्त एवं निबंधक कार्यालय पर एक दिवसीय प्रांतीय धरना आयोजित किया जाएगा।
धरने में संघ के मंत्री अनिल कुमार वर्मा, कोषाध्यक्ष रवि कुमार समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।