कई दिनों से ठीक नहीं था दिमागी संतुलन
शहर के एक मानसिक चिकित्सक से चल रहा था इलाज
थाना खीरी के गांव जमुनियां निवासी वूद्धा ने रंगीलानगर के पास साड़ी का फंदा बना पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिवारवालों का कहना है कि तारावती का कई दिनों से दिमागी संतुलन ठीक नहीं था। उनका इलाज शहर के एक मानसिक चिकित्सक से चल रहा था।
गांव गोविंदनगर निवासी विश्राम ने बताया कि उनकी मौसी 55 वर्षीय तारावती गांव जमुनियां स्थित प्राथमिक विद्यालय में रसोइया थीं। कई दिनों से उनका दिमागी संतुलन ठीक नहीं था। वह कई-कई घंटों के लिए घर से बिना बताए चली जाती थी। गांव सिहाला में रह रही अपनी बेटी अर्चना के घर से वह 10 दिन पहले उनके घर आईं थी। शनिवार की सायं करीब छह बजे वह किसी से बिना कुछ कहे घर से चली गईं। काफी देर तक जब घर नहीं पहुंची तो उनकी तलाश की गई। परिवार वालों के साथ उन्होंने रात भर तारावती की तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। रविवार की सुबह तलाश के दौरान एक शव रंगीलानगर के पास स्थित बाग में लटके होने की जानकारी मिली। जिस पर वह लोग मौके पर पहुंचे तो देखा शव उनकी मौसी तारावती का था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।