शिक्षक बनकर डीएम ने सिविल सेवा में सफलता के दिए टिप्स
डीएम बोले, बड़े लक्ष्य को केंद्रित करके करें तैयारी, अवश्य मिलेगी सफलता
लखीमपुर खीरी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे खीरी के युवाओं को नए साल पर प्रशासन की ओर से अभ्युदय कक्षाओं की सौगात मिली है। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत डीएम महेंद्र बहादुर सिंह के निर्देश पर डायट में शनिवार को कक्षाएं शुरू की गईं, जिसमें डीएम ने स्वयं शिक्षक बनकर सिविल सेवा में सफलता के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि बड़े लक्ष्य को केंद्रित करके तैयारी करें, जिससे सफलता आपके कदम चूमेगी।
डायट में डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने यूपीएससी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की निशुल्क अभ्युदय कक्षाओं का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप जलाकर किया। डायट की प्रशिक्षु नेहा, अमृता, अनुष्का एवं लक्ष्मी ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने यूपीएससी तैयारी की क्लॉसेस स्वयं ली, अभ्यर्थियों से सवाल-जवाब के बीच डीएम ने प्रतियोगी छात्रा पूर्णिमा देवी, शालिनी देवी, प्रगति शुक्ला, छात्र सचिन, अमित वर्मा, दिवाकर पांडे व मुनीश कनौजिया से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का मकसद भी पूछा। सिविल सेवा में चयनित होकर देश के लिए कुछ करने के इच्छुक अभ्यर्थी पहले हिचकिचाए, फिर सवालों के जवाब दिए। डीएम ने बताया कि ये परीक्षा कई चरणों में होती है। प्री-परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके बाद साक्षात्कार होता है।
डीएम ने बताया कि तैयारी कब, कैसे और क्या करें, जिससे प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिले। उन्होंने बताया कि सिविल सेवा की परीक्षा पास करने के लिए कौन सा न्यूज पेपर पढ़ें, कौन सा न्यूज चैनल देखें, नोट्स कैसे तैयार करें, इसके साथ ही साथ यह भी मंत्र दिया कि जब तक लक्ष्य हासिल न हो जाए, तब तक तैयारी के अलावा अन्य क्रियाकलापों से दूर रहें।
डीएम ने प्रतियोगी बच्चों से कहा कि परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए सबसे पहले सिलेबस की जानकारी होनी चाहिए। पिछली परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों को अवश्य पढ़ें। सिविल सेवा की परीक्षा में कब-कब क्या-क्या बदलाव हुए हैं, इसकी जानकारी जरूर रखें। उन्होंने कहा कि क्लेरिटी ऑफ कॉन्सेप्ट और क्लेरिटी ऑफ थॉट यह दो महत्वपूर्ण बिंदु है, जिसके आधार पर सिविल सेवा की तैयारी की जा सकती है।
डीएम के निर्देश पर पीसीएस ऑफीसर, डिप्टी कलेक्टर अनुराग सिंह एवं इला प्रकाश ने भी प्रतियोगी छात्रों की क्लासेस ली। इस दौरान मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के नोडल अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुधांशु शेखर, डायट प्राचार्य डॉ. ओपी गुप्ता, डीआईओएस ओपी त्रिपाठी, बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय समेत वाईडी कॉलेज के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एससी मिश्र सहित प्रतियोगी छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
मेहनत, विश्वास और सपोर्ट से लक्ष्य हासिल करना आसान
डीएम ने कहा कि दुनिया में ऐसी कोई चीज नहीं जो आप न कर सकते हों। मेहनत, विश्वास और घर का सपोर्ट मिलने से बड़े से बड़ा लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा हमेशा अपने लक्ष्य को बड़ा रखें, छोटा अपने आप हासिल हो जाएगा। रटने से फायदा नहीं होगा। विषय वस्तु को विस्तार से पढ़ें। अपने अंदर विश्वास पैदा करें, जो आपको लक्ष्य हासिल करने में मददगार साबित होगा। अंग्रेजी का समाचार पत्र एवं एनसीईआरटी की पुस्तकें पढ़ें।