संपूर्णानगर के बमनगर ग्राम पंचायत के शौचालय का हाल। संवाद
लखीमपुर खीरी। जनपद के गांव व शहरों में बने सामुदायिक शौचालयों से स्वच्छता गुम है। कहीं ताले लटक रहे हैं तो कहीं अंदर दरवाजे तक टूटे हैं। कई जगह गंदगी का अंबार लगा है। विश्व शौचालय दिवस से एक दिन पहले पड़ताल में यह खराब स्थिति सामने आई है और अफसरों के दावे झूठे साबित हुए।
जनपद की 1165 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बने हैं। विभागीय अफसरों का दावा है कि सभी शौचालय क्रियाशील हैं, लेकिन हकीकत में तस्वीर कुछ अलग ही देखने को मिली। निघासन के कटहिया गांव के शौचालय में पल्ले, टंकी आदि नहीं है। रकेहटी के संविलियन विद्यालय का सार्वजनिक शौचालय में वाशबेसिन से टोटियां नदारद थीं। गेट पर गंदगी जमी मिली।
बिजुआ में जिला पंचायत इंटर काॅलेज भीरा के शौचालय में ताला लटका मिला। दरियाबाद के आंगनबाड़ी केंद्र के शौचालय का गेट टूटा है और गंदगी भी है। प्राथमिक विद्यालय मटैहिया सहित बिजुआ के अधिकतर सफाईकर्मी काम नहीं करते। सामुदायिक शौचालय पिपरिया गंगा में ताला लटकता मिला।
बरबर में मोहल्ला गांधीनगर में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पांच वर्ष पहले सुलभ शौचालय नगर पंचायत कार्यालय से बनवाया गया था। निर्माण के कुछ समय बाद से ही उसमें ताला लटक रहा है। नगर पंचायत कार्यालय से जानकारी लेने पर मोटर खराब बताया गया है।
संपूर्णानगर में पलिया मार्ग स्थित बमनगर व सिंगाही खुर्द में के सार्वजनिक शौचालय बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। महिला शौचालय में भी ताला लटक रहा है। पुरुष शौचालय में गंदगी का अंबार है।
सिंगाही खुर्द में वर्ष 2016 में बार्डर एरिया डेवलेपमेंट के तहत पब्लिक इंटर काॅलेज के पास शौचालय बनाया गया था। देखरेख के अभाव में यहां भी गंदगी का अंबार है। दीवार व छत जर्जर हैं। लोहे के दरवाजे गायब हैं।
संपूर्णानगर के बमनगर ग्राम पंचायत के शौचालय का हाल। संवाद
संपूर्णानगर के बमनगर ग्राम पंचायत के शौचालय का हाल। संवाद