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कमिश्नर ने की समीक्षा: धान खरीद के दौरान शिकायतें बहुत, कार्रवाई सिर्फ एक पर

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लखीमपुर कलक्ट्रेट सभागार में बैठक को संबोधित करते कमिश्नर रंजन कुमार। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। नोडल अधिकारी / कमिश्नर रंजन कुमार कलक्ट्रेट में रविवार को हुई समीक्षा बैठक के दौरान उस समय हैरान रह गए जब उन्होंने घटतौली समेत अन्य शिकायतों पर हुई कार्रवाई के बारे में डाटा मांगा। उन्हें सिर्फ एक कार्रवाई होने की जानकारी दी गई। इस पर उन्होंने जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय को सभी शिकायतों का ब्यौरा देने के साथ-साथ क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले 37141 किसानों के मोबाइल नंबर समेत डाटा मांगा, उन्होंने कहा- किसानों से बातचीत कर उनसे ही फीडबैक लिया जाएगा।
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तीन दिवसीय दौरे पर कमिश्नर रविवार की दोपहर 12:15 बजे कचहरी गेस्ट हाउस पहुंचे, जिसके बाद उन्होंने अधिकारियों संग बैठक कर विभिन्न विभागों की समीक्षा की। नोडल अधिकारी ने बैठक की धान खरीद समीक्षा के साथ शुरुआत की। क्रय केंद्रों के खुले और बंद होने की स्थिति के बारे में पूछा और किसानों को देर से भुगतान किए जाने के बाबत सवाल किए। कई सवालों के जवाब देने में अधिकारी निरुत्तर दिखे, तो कमिश्नर ने धान खरीद से जुड़े अधिकारियों को आड़े हाथ लिया।
धान खरीद की जानकारी देते हुए जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने बताया कि कुल 130 क्रय केंद्र खोले गए थे, जिनके माध्यम से 37141 पंजीकृत किसानों से अब तक 2,38,721.75 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। नोडल अधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष धान क्रय की स्थिति, राइस मिलों को धान की डिलीवरी, केंद्र पर अवशेष धान, डिलीवरी धान पर देय चावल, किसानों को देय व अवशेष भुगतान के संबंध में बिंदुवार जानकारी हासिल की। उन्होंने क्रय केंद्रों के प्रभारियों के पास लैपटॉप एवं टेबलेट की उपलब्धता के बारे में पूछताछ की। नोडल अधिकारी ने एमएसपी से कम रेट में धान बेचने वाले किसानों का डाटा मांगा, तो अधिकारी निरुत्तर दिखे, जिससे उन्होंने कुल धान उत्पादन के बारे में सवाल किया। इस पर जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि 6.38 लाख मीट्रिक धान उत्पादन हुआ है। इसके सापेक्ष सरकारी एजेंसियों ने 2.38 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा है। इस पर नोडल अधिकारी ने एमएसपी से कम मूल्य पर आढ़तियों के पास धान बेचने वाले किसानों का डाटा मांगा। किसानों के बकाया भुगतान, एफसीआई द्वारा एजेंसियों को कम भुगतान किए जाने पर सवाल किए। राइस मिलों से एफसीआई में सीएमआर की डिलीवरी में देरी होने पर अधिकारियों से जवाब मांगा। इस दौरान आढ़तियों के माध्यम से क्रय केंद्र पर धान खरीदे जाने की शिकायत के संबंध खाद्य अधिकारी से सवाल किए।
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गन्ना क्रय केंद्रों की समीक्षा के दौरान डीसीओ बीके पटेल ने बताया कि जिले में 484 गन्ना क्रय केंद्र क्रियाशील हैं। नोडल अधिकारी ने चीनी मिल वार गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति जानी, तो डीसीओ ने बताया कि बजाज ग्रुप की तीन और एडवंट्ज ग्रुप की एक मिल पर सबसे ज्यादा बकाया है। नोडल अधिकारी ने 2012-13 से अब तक गन्ना उत्पादन और भुगतान की तुलनात्मक रिपोर्ट मांगी। इसके बाद निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों की समीक्षा में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ टीके तिवारी ने बताया कि करीब 12 हजार निराश्रित गोवंश का संरक्षण किया जा रहा है। जबकि पूरे जिले में कुल 41239 निराश्रित गोवंश चिह्नित किए गए हैं, जिससे करीब 29 हजार निराश्रित गोवंश सड़कों और खेतों में घूम रहे हैं। इस पर नोडल अधिकारी ने सभी गोवंशों को 31 जनवरी 2021 तक संरक्षित करने के निर्देश दिए, तो मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने हाथ खड़े करते हुए बजट की कमी गिनाई।
नोडल अधिकारी ने खलिहानों की जमीनें खाली कराकर गोआश्रय स्थल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने मनरेगा से गोआश्रय स्थल बनवाए जाएं। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 156 न्याय पंचायत स्तर पर गोआश्रय स्थल बनाए जाने की कार्य योजना बनाई जा रही है। जनवरी में दो नए गोआश्रय स्थल प्रारंभ किए जाएंगे। नोडल अधिकारी ने गोआश्रय स्थलों के गोबर एवं उनके सह उत्पाद को बाजार से जोड़ने के निर्देश दिए। बैठक में एसपी विजय ढुल, सीडीओ अरविंद सिंह, एडीएम अरुण कुमार सिंह, पीडी रामकृपाल चौधरी, डीडीओ अरविंद कुमार, डीएसटीओ राजेश सिंह मौजूद रहे।
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पहले चरण में 13178 को लगेगा टीका
नोडल अधिकारी ने कोविड-19 के टीकाकरण की तैयारियों के संबंध में चर्चा की। कोल्ड चैन संबंधी व्यवस्थाएं, कोविन पोर्टल संबंधी डाटा अपलोडिंग, प्रशिक्षण, हेल्थ केयर वर्कर डाटा अपलोड किए जाने के संबंध में जिला स्तर पर किए गए कार्यों की जानकारी सीएमओ से ली। सीएमओ डॉ मनोज अग्रवाल ने बताया कि सभी सीएचसी, जिला पुरुष चिकित्सालय, महिला चिकित्सालय समेत कुल 17 स्वास्थ्य केंद्रों पर टीकाकरण केंद्र के रूप में चिह्नित किया है। इसमें लगाई गई 51 टीमों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रत्येक सत्र में छह कर्मियों की तैनाती की जाएगी। टीकाकरण अभियान के प्रथम चरण के लिए स्थलों का चयन एसओपी के तहत किया जाएगा, जिसमें 13178 लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य है। बैठक में नोडल अधिकारी ने नहरों में पानी की उपलब्धता, विद्युत आपूर्ति, वरासत अभियान की जानकारी ली।
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20 गुना तक बढ़ेगी किसानों की आमदनी
नोडल अधिकारी ने नए कृषि कानूनों पर भी चर्चा की, तो कई अधिकारियों को इसकी जानकारी न होने पर उन्होंने कृषि कानून की मुख्य बातों को पढ़ने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने कृषि कानूनों के बारे में फैलाई जा रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए गांवों में किसानों से संवाद कार्यक्रम करने के निर्देश दिए। उन्होंने नए कृषि कानून के फायदे गिनाते हुए बताया कि अभी 30 प्रतिशत किसानों को एमएसपी का लाभ मिल पा रहा है, लेकिन जल्द ही 90 प्रतिशत किसानों को एमएसपी का लाभ मिलने लगेगा। उन्होंने कहा कि एग्रीमेंट के माध्यम से किसानों को कई फायदे मिलेंगे। किसान जब चाहे तब एग्रीमेंट खत्म कर सकता है। किसानों से गड़बड़ी करने वाली कंपनी के खिलाफ आरसी की कार्रवाई की जा सकेगी। किसान सीधे उद्योगों से जुड़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में किसानों की 20 गुना तक आमदनी बढ़ेगी। संवाद
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