लखीमपुर खीरी। निघासन ब्लाॅक के बेलरायां के संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) पर करोड़ों रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच शुरू होने के साथ ही अब सीएलएफ से जुड़े छह ग्राम संगठनों का लेखा-जोखा भी तलब किया गया है। बैंक को पत्र लिखकर लोखा-जोखा मांगा है, ताकि स्पष्ट जांच हो सके।
विकास खंड निघासन के खंड विकास अधिकारी कार्यालय की ओर से इंडियन बैंक बेलरायां शाखा प्रबंधक को पत्र लिखकर छह ग्राम संगठनों के बैंक खातों की विस्तृत स्टेटमेंट उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। इसमें खुशी प्रेरणा ग्राम संगठन, दीपक प्रेरणा ग्राम संगठन, करूणा प्रेरणा ग्राम संगठन भेडौरी, प्रकाश प्रेरणा संगठन उमरां, आकाश प्रेरणा ग्राम संगठन और भारत प्रेरणा ग्राम संगठन हरद्वाही के खातों की स्टेटमेंट मांगा गया है। इन सभी खातों की एक जनवरी 2023 से 29 मई 2026 तक लेखा-जोखा की जांच की जाएगी। इसके अलावा भी कई संगठन हैं, जिनकी जांच होनी है।
15 लोगों के दर्ज हो चुके बयान, जांच जारी
उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद अफसरों ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है। इसमें सहायक विकास अधिकारी ग्राम विकास अनुज अवस्थी, फूलबेहड़ के अनुराग पांडेय, निघासन के प्रभारी विकास अधिकारी राकेश कुमार बुधवार को जांच करने पहुंचे। आरोपों से संबंधित 15 लोगों के बयान भी लिए। प्रथम दृष्यता जांच में गड़बड़ी होने की पुष्टि हुई है, लेकिन अफसरों ने अभी स्पष्ट नहीं किया है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि संबंधी सीएलएफ ने बड़ा खेल किया है। इसमें विभागीय अफसरों का भी संरक्षण बताया जा रहा है।
सीएलएफ पदाधिकारियों पर यह हैं आरोप
-बेलरायां के संकुल स्तरीय संघ (सीएलएफ) 110 ग्राम संगठन जुड़े हैं, लेकिन चार करोड़ का भुगतान सिर्फ 23 संगठन को दिए गए हैं, उसमें भी कई संगठन संबंधित सीएलएफ से नहीं जुड़े हैं। ग्राम संगठनों को लाखों रुपये का भुगतान कर निजी खर्चे में लगा दिए गए, जबकि यह भुगतान कारोबार शुरू करने के लिए दिए जाते हैं।
वर्जन
मामले में जांच कमेटी गठित कर दी गई थी। आरोपों के आधार पर जांच चल रही है। अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच में अगर गड़बड़ी मिलती है, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-जितेंद्र कुमार मिश्रा, डीसी एनआरएलएम