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अगले साल कोटे की दुकानों पर पोषक तत्वों से भरपूर मिलेगा चावल

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लखीमपुर खीरी। विभिन्न योजनाओं के तहत आम जनता को बांटा जाने वाले चावल पोषक तत्वों से भरपूर बनाया जाएगा। इसके लिए शासन ने सभी राइस मिलों में ब्लेडिंग मशीन लगाने के निर्देश दिए हैं। इसकी मदद से फोर्टिफाइड चावल बनेगा। साथ ही राइस मिलों में कुटाई क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। ताकि क्रय किए गए धान से निर्मित कस्टम चावल 30 अप्रैल तक भारतीय खाद्य निगम के गोदामों में पहुंच सके।
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जिले में 50 राइस मिल संचालित हैं। मगर किसी भी राइस मिल में ब्लेंडिंग मशीन नहीं है। अब शासन ने फोर्टिफिकेशन की योजना लागू करने के लिए प्रत्येक राइस मिल में ब्लेडिंग मशीन लगाना आवश्यक बताया है। ब्लेडिंग मशीन लगने के बाद राइस मिल निर्धारित अनुपात में एफआरके (फोर्टिफाइड राइस केमिकल) का सामान्य चावल में मिश्रण कर पाएंगी। भारत सरकार ने आईसीडीएस और एमडीएम योजना में फोर्टिफाइड चावल का वितरण अनिवार्य कर दिया है। अगले साल 15 अगस्त 2022 के बाद राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) में अनिवार्य रूप से फोर्टिफाइड चावल का वितरण करने का प्रस्ताव है। यानी सरकारी राशन की दुकानों पर राशनकार्ड धारकों को अगले वर्ष से फोर्टिफाइड चावल दिया जाएगा। सामान्य चावल का वितरण सरकारी योजनाओं में पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा।
ब्लेडिंग मशीन न लगाने पर दूसरे प्रदेशों से आएगी सप्लाई
तमाम राइस मिल संचालक पिछले कुछ सालों से घाटे का हवाला दे रहे हैं, जिससे कुछ मिलर्स ब्लेडिंग मशीन लगाने में आनाकानी कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में सरकार अन्य प्रदेशों से फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति कराएगी। खाद्य एवं रसद आयुक्त एवी राजमौली ने कहा है कि अन्य प्रदेशों से फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई आने पर जनपद और प्रदेश में उपलब्ध भंडारण क्षमता पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। बिना ब्लेडिंग मशीन वाली राइस मिलों की कुटाई क्षमता भी प्रभावित होगी, क्योंकि कस्टम चावल की सप्लाई नहीं कर सकेंगे।
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ऐसे बनता है फोर्टिफाइड चावल
चावल को फोर्टिफाइड करने के लिए चावल पर आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन ए और विटामिन बी 12 का लेप चढ़ाया जाएगा। इसकी मात्रा इतनी होगी कि धोने और पकाने पर माइक्रो न्यूट्रिएंस की पर्याप्त मात्रा चावल में मौजूद रहेगी। चावल को फोर्टिफाइड करने के लिए 15 पैसे प्रति किलोग्राम का खर्च आएगा।
राइस मिलों का आधुनिकीकरण कराने और राइस फोर्टिफिकेशन करने के लिए ब्लेडिंग मशीन लगाने के निर्देश दिए गए हैं। भारत सरकार द्वारा एफसीआई के गोदामों में चावल की गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। चावल के फोर्टिफिकेशन के लिए ब्लेडिंग मशीन लगाने के साथ ही कुटाई क्षमता में वृद्धि की जानी है। इसके लिए सभी राइस मिल मालिकों को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। - लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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