बिजुआ (लखीमपुर खीरी)। ब्लॉक परिसर में आयोजित ट्राईसकिल वितरण कार्यक्रम में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। गोला और बिजुआ के पूर्व में चयनित दिव्यांगों को शुक्रवार को विधायक अरविंद गिरि के हाथों ट्राईसकिल बंटनी थी पर जब ट्राईसकिल बंटनी शुरू र्हुइं तो चयनित सूची धरी की धरी रह गई, और कई दिव्यांगो को खाली हाथ लौटना पड़ा। आरोप है कि कई ऐसे लोगों को भी ट्राईसकिल देदी गई जिनके नाम सूची में नहीं थे।
जिला विकलांग कल्याण अधिकारी वीरपाल ने बताया कि पूर्व में आवेदन कर चुके जरूरतमंद दिव्यांगों का चयन होता है, लेकिन जिस दिन वितरण कैंप लगा होता है, उस दिन तमाम ऐसे दिव्यांग आ जाते हैं जो चयन सूची में नही होते हैं, इसके विपरीत बिजुआ ब्लॉक परिसर में कई दिव्यांग ऐसे थे जो हाथों में चयन सूची का नंबर और पर्ची लिए घूम रहे थे, लेकिन उन्हें ट्राईसकिल नही मिल सकी।
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50 किमी दूर से आए दिव्यांग, आंखों में आंसू लेकर लौटे
बिजुआ। ब्लॉक परिसर में सुबह से ठंड में ठिठुरते हुए सैकड़ों दिव्यांग जमा हो गए, जिसमें कई गोला ब्लॉक के भी थे। इन्हीं में कोटवारा गांव के राजीव, बसरुद्दीन जबकि बिजुआ ब्लॉक के नदी किनारे गांव ढखिया से आईं सुनीता, बिजुआ गांव की सुनीता देवी, हमीदाबाद के रंजीत, इंतियाज अली का कहना था कि ग्राम पंचायत अधिकारी ने यही बताया कि सूची में उनका नाम है, बिजुआ ब्लॉक पहुंचो लेकिन यहां पहुंचने पर सुबह रजिस्ट्रेशन नंबर देने के बाद उनकी पर्ची नही काटी गई, जिससे उनको ट्राईसकिल नही मिली, जबकि बगैर रजिस्ट्रेशन वालों को ट्राईसकिल दे दी गईं।
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दिव्यांग ने जताया विरोध
बिजुआ। ननक्के को पहले एक ट्राईसकिल मिली, फिर अफसरों ने उसे गेट पर उतरवा दिया, बाद में शाम पांच बजे जब बगैर पर्ची वालों को ट्राईसकिल ले जाते देखा तो उसने अफसरों से कहा कि कई लोगों को बगैर पर्ची के ट्राईसकिल मिली है उसके साथ नाइंसाफी क्यों?