तिकुनिया। इंडो-नेपाल बॉर्डर के गांवों में मोहाना नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिससे नदी ने तेजी से कटान भी शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मची है। ग्राम रननगर में नायब तहसीलदार अरुण सोनकर ने बाढ़ पीड़ितों को तिरपाल बांटे। सिंचाई विभाग के एसडीओ सभाजीत सिंह ने मोहाना नदी के कटान का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि नेपाल में मोहाना नदी के किनारे बंधा बनाए जाने से इस बार ग्रामीणों को कटान के चलते काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। बारिश के बाद मोहाना नदी में बांध का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। इसकी तैयारी व प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया गया है।
ग्राम रननगर में ग्रामीणों के घरों से करीब चार-पांच मीटर दूर तक कटान करती हुई नदी पहुंच गई है। ग्राम निवासी प्रेमचंद, रामसेवक, अक्षय, राजेश कुमार, नागेंद्र, श्रीराम, राकेश ने बताया कि नदी बिल्कुल पास में पहुंच गई है। भयंकर धारा चल रही है किसी भी समय हम लोगों के घर नदी में समा सकते हैं। खैरटिया गांव पंचायत के मजरा गांव अनूप नगर निवासी मलकीत सिंह, मंगल सिंह ने बताया कि उनके खेतों में धान की फसल खड़ी थी, जिसे मोहाना नदी ने बालू से पाटकर मैदान कर दिया है। कटान का निरीक्षण सिंचाई विभाग के एसडीओ सभाजीत सिंह ने किया। उन्होंने कहा नेपाल में मोहाना नदी के किनारे पत्थर से बांध रोड बनाया है, जिसके चलते इस बार यहां नुकसान हुआ है। बारिश के बाद रननगर में बांध का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।