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ई रिक्शा चालकों ने बढ़ाया किराया, जिम्मेदार मौन

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लखीमपुर खीरी। शहर की सड़कों पर सैकड़ों की संख्या में ई रिक्शा और ऑटो दौड़ रहे हैं। न तो इन पर एआरटीओ का अंकुश है और न ही नगर पालिका और यातायात पुलिस का। बेतरकीब तरीके से शहर में दौड़ में ई रिक्शा के कारण सड़कों पर जाम लगता है। चालकों की मनमानी का आलम यह है कि दो दिन से किराए में भी दो गुने की वृद्धि कर दी गई है। जो आए दिन यात्रियों से विवाद का कारण बन रही है। जबकि किराया निर्धारण की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी एक दूसरे पर डाल रहे हैं।
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भले की ई रिक्शा का नगरपालिका में पंजीकरण न हो। मगर, सभी का रूट निर्धारित है। हर रूट का किराया पांच रुपये निर्धारित था, लेकिन चालकों ने पिछले दिनों किराया बढ़ाकर दस रुपये कर दिया। अचानक किराया दोगुना हो जाने से शहरवासियों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि किराया निर्धारण का नियम होता है, जिसकी जिम्मेदारी नगर पालिका की होती है। किराए में एक दो रुपये की बढ़ोतरी होती तो ठीक था, लेकिन एकदम दूना कर देना कहां का नियम हैं। हालांकि इस मामले में नगर पालिका के अफसर चुप्पी साधे हैं।
अवैध रूप से दौड़ रहे ई रिक्शा
शहर में दो हजार से अधिक ई रिक्शा फर्राटा भर रहे हैं। इनके चालक ट्रैफिक नियम तक नहीं जानते। इस कारण आए दिन इनसे शहर में जाम लगता है। पालिका प्रशासन ने इनका पंजीकरण कराना तक जरूरी समझा। पालिका सदस्यों का कहना है कि पालिका को इनका पंजीकरण कराना चाहिए, जिससे पालिका की आय में बढ़ोतरी हो।
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किराया बढ़ने से लोगों को हो रही परेशानी
पांच रुपये किराया ठीक था। मगर, दो गुना किराया बढ़ाना गलत है। एक दो रुपये की बढ़ोतरी जायज थी। जिम्मेदारों को संज्ञान लेना चाहिए।
-प्रियंका मिश्रा निवासी निर्मलनगर
पहले बीस रुपये में घर से बाजार आना जाना होता था। मगर, अब चालीस रुपये लग रहे हैं। अधिकारियों को ई रिक्शा चालकों की मनमानी पर रोक लगानी चाहिए।
-राकेश तिवारी निवासी बहादुर नगर
नगर पालिका को चाहिए कि रूट बढ़ाकर किराया निर्धारित करें, जिससे शहरवासियों को दिक्क्त न हो। इस तरह से तो ई रिक्शा चालकों की मनमानी और बढ़ेगी।
-स्वाति तिवारी निवासी सिविल लाइन
शहर में जो रूट निर्धारित है उसकी दूरी कम है। पांच रुपये किराया तो जायज था, लेकिन पांच रुपये की बढ़ोतरी गलत है। अधिकारियों को किराया कम करना चाहिए।
-अनुज शुक्ला, निवासी खीरी रोड
ई रिक्शा- दो हजार से अधिक
ऑटो- 150
मानव रिक्शा- करीब 300
डीएम के कहने पर बढ़ा किराया
कुछ दिन पहले डीएम एवं एआरटीओ साहब ने बैठक कर कहा था कि किराया चाहो तो बढ़ा लो, लेकिन सवारियां चार से अधिक नहीं बैठाना। तभी से किराया बढ़ गया।
-हनीफ, चालक
अधिकारियों के साथ बैठक होने के बाद सभी लोगों ने किराया बढ़ाने का फैसला किया था। तभी किराया बढ़ गया।
-सचिन, चालक
ई रिक्शा चालकों के किराया बढ़ाने की जानकारी नहीं है। वैसे भी किराया निर्धारित करना एआरटाओ का काम है, हमारा नहीं।
-आरआर अंबेश, अधिशासी अधिकारी
 
सुनने में आया है कि ई रिक्शा चालकों ने किराया बढ़ाया है। इनका पंजीकरण हमारे यहां है। मगर, किराया निर्धारित नहीं करते।
-रमेश कुमार चौबे, एआरटीओ प्रवर्तन
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