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बिजली बचाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर लग रहे सोलर प्लांट

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मैलानी में 55 किलोवॉट का लगा सोलर प्लांट, अन्य स्टेशनों पर लगेगा दस किलोवॉट का प्लांट
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लखीमपुर। रेलवे ने बिजली बचाने पर काम शुरू कर दिया है। इसको लेकर स्टेशनों पर सोलर प्लांट लगाने की कवायद शुरू हो गई है। लखीमपुर मैलानी के बीच स्थित स्टेशनों पर दस किलोवॉट का सोलर प्लांट लगेगा। जबकि मैलानी में 55 किलोवॉट का प्लांट लग गया है।
रेलवे ने स्टेशनों पर बिजली कनेक्शन के साथ जनरेटर की व्यवस्था भी कर रखी है, जिससे बिजली जाने की स्थिति में जनरेटर शुरू कर काम किया जा सके। ऐसे में रेलवे को बिजली विभाग को भारी भरकम बिल देने के साथ जनरेटर के लिए डीजल पर भी काफी पैसा खर्च करना पड़ता था। विभागीय खर्च कम करने के लिए रेलवे ने स्टेशनों पर सोलर प्लांट लगाने का निर्णय किया है। इससे रेलवे की खर्च ही कम नहीं होगा, बल्कि बिजली जाने पर जनरेटर शुरू करने के झंझट से भी निजात मिलेगी। रेलवे ने लखीमपुर, फरधान, गोला और बांकेगंज स्टेशन पर दस- दस किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाने के निर्देश दिए हैं। इस पर गोला में लगाने की कवायद भी शुरू हो गई है।
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मैलानी जंक्शन में 55 किलोवॉट का लगा सोलर प्लांट
मैलानी। रेलवे स्टेशन भवन की छत पर 55 किलोवाट का ऑनग्रिड सोलर प्लांट लगाया गया है। इससे पूरे स्टेशन परिसर को बिजली सप्लाई होगी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि ऑनग्रिड सोलर प्लांट में उपयोग से ज्यादा बिजली होने पर अतिरिक्त बिजली स्वत: पॉवर ग्रिड को ट्रांसफर हो जाएगी। इससे इसका उपयोग अन्य जगह पर हो सकेगा।

गोला, फरधान और बांकेगंज में लगेगा ऑफग्रिड सोलर प्लांट
रेलवे के लोगों का कहना है कि गोला, बांकेगंज और फरधान में भी स्टेशन भवन की छत पर दस-दस किलोवॉट के ऑफग्रिड सोलर प्लांट लगेंगे। इससे बनने वाली बिजली का उपयोग सिर्फ स्टेशनों पर हो सकेगा। गोला में लगना भी शुरू हो गया है।
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रेलवे बिजली के मद में होने वाले राजस्व में कमी लाने के साथ देश में बिजली की कमी पूरा करने के लिए सोलर प्लांट लगा रहा है। सोलर प्लांट से बिजली उत्पादन होने में पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा।
-जगजीवन लाल गुप्ता, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, एनई रेलवे मैलानी जंक्शन
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