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सीडीओ ने वार रूम में मारा छापा, एडीओ पंचायत निलंबित

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लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) व्यवस्था लागू करने में तीन ब्लॉक लखीमपुर, निघासन और गोला (कुंभी) की प्रगति सबसे धीमी है। शासन के निर्देश पर सीडीओ अरविंद सिंह ने सार्वजनिक अवकाश के दिनों में भी कार्यालय खोलकर पीएफएमएस कार्य पूर्ण कराने के आदेश दिए थे। सीडीओ ने रविवार को दोपहर 12.30 बजे सदर ब्लॉक के एडीओ पंचायत कार्यालय में बने वार रूम में अचानक छापा मारा, जहां पर एडीओ पंचायत अजय प्रकाश, कंप्यूटर आपरेटर आदि कर्मी अनुपस्थित मिले। सीडीओ ने मौके पर ही एडीओ पंचायत अजय प्रकाश को निलंबित कर दिया।
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पीएफएमएस व्यवस्था लागू होने में देरी होने से ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप हैं। इसलिए शासन ने सार्वजनिक अवकाश में भी सभी ब्लॉकों के वार रूम खोलकर डीएससी इनीशिएशन का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायतों में 14वें वित्त एवं राज्य वित्त आयोग का डीएससी इनीशिएशन 85 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है, लेकिन 109 ग्राम पंचायतों वाले लखीमपुर ब्लॉक में कई दिनों से मात्र 67 प्रतिशत पर ही गाड़ी अटकी है। सीडीओ अरविंद सिंह ने कामकाज की प्रगति जानने के लिए रविवार को वार रूम में छापा मारा, तो कलई खुलकर सामने आ गई। वार रूम खाली पड़ा था। एडीओ पंचायत, कंप्यूटर आपरेटर सहित अन्य कर्मचारी नदारद थे। सीडीओ ने लचर पर्यवेक्षणीय दायित्व एवं पूर्व निर्देशों का अनुपालन न करने के कारण एडीओ पंचायत अजय प्रकाश को निलंबित कर दिया। फिर त्वरित कार्रवाई करते हुए अजय प्रकाश का चार्ज वापस लेकर बिजुआ के एडीओ पंचायत कुरेंद्र पाल को सदर ब्लॉक का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। साथ ही सर्वोच्च प्राथमिकता के कार्यक्रम में अपेक्षित सुधार लाने के निर्देश दिए। इसके बाद सीडीओ ने पौने एक बजे विकास भवन पहुंचकर डीपीआरओ कार्यालय में बने वार रूम का निरीक्षण किया, यहां पर भी सदर ब्लॉक के एडीओ पंचायत अजय प्रकाश नहीं मिले।
डीपीआरओ ने तुरंत ही जारी किया निलंबन आदेश
सीडीओ अरविंद सिंह ने सदर ब्लॉक के प्रभारी एडीओ पंचायत अजय प्रकाश को निलंबित करने का आदेश दिया, जिसके बाद दो घंटे के भीतर ही डीपीआरओ अजय श्रीवास्तव ने एडीओ पंचायत को छह आरोपों में निरुद्ध कर निलंबन आदेश जारी किया। जो आरोप निर्धारित किए गए हैं उसमें निदेशक के आदेश का उल्लंघन, मुख्यमंत्री संदर्भ की 10 शिकायतें लंबित होना, जीपीडीपी फोटो अपलोडिंग शून्य होना, डीएससी की प्रगति 67 प्रतिशत होना, शासकीय कार्य में रुचि न लेना और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करना है। एडीओ पंचायत बिजुआ निलंबित एडीओ के खिलाफ लगे आरोपों की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपेंगे।
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निघासन और कुंभी ब्लॉक भी पीछे
लखीमपुर ब्लॉक के अलावा निघासन ब्लॉक की 66 ग्राम पंचायतों में से 42 ग्राम पंचायतें अभी पीएफएमएस से भुगतान करने के लिए सक्षम नहीं हुई हैं। इसी तरह 74 ग्राम पंचायतों वाले गोला ब्लॉक में 25 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस एक्टिव नहीं हो सका है। इन ब्लॉकों की प्रगति में जल्द सुधार लाने के लिए अधिकारी दिन-रात एक कर रहे हैं, लेकिन ब्लाक स्तरीय अधिकारी/कर्मचारी रुचि नहीं ले रहे।
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