मैगलगंज (लखीमपुर खीरी)। लखनऊ से बरेली नेशनल हाईवे 24 पर सड़क का हाल तो बेहाल है ही, साथ ही मैगलगंज-लखीमपुर रोड पर बने अंडरपास की छत में आए क्रैक (दरार) की मरम्मत न किए जाने से यहां भी खतरा गहराता जा रहा है। वर्ष 2013-14 में इस अंडरपास का निर्माण हुआ था, जिसके बाद कुछ वर्षों बाद ही छत में दरार आ गई है। इसकी मरम्मत कराई जाती, उससे पहले ही इसका निर्माण करने वाली कार्यदायी संस्था को एनएचएआई ने ब्लैक लिस्टेड कर दिया। लिहाजा अब तक दरार की मरम्मत नहीं हो पाई है।
नेशनल हाईवे एनएच 24 पर लखनऊ से बरेली तक रोड का चौड़ीकरण (फोरलेन) कार्य कराया जा रहा है, जिसमें मैगलगंज कस्बे से पहले बाईपास बनाया गया है। इसी बाईपास पर मैगलगंज-लखीमपुर मार्ग पर कस्बे से दो किलोमीटर पहले अंडरपास बना है। उसी के पास बने अंडरपास की छत भी क्रेक हो गई है, जिससे दो से तीन इंच तक एक हिस्सा नीचे की ओर खिसक आया है। बाईपास पर बने इस अंडरपास के ऊपर रोड से प्रतिदिन हजारों की संख्या में बस, ट्रक, टैंकर समेत भारी वाहन गुजरते हैैं। इससे किसी भी समय छत भी धंसकर गिर सकती है और कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है। बाईपास की सड़क में बने गड्ढे को भरकर यातायात बहाल कर दिया जाता है, लेकिन अंडरपास की छत में आई दरार की मरम्मत नहीं कराई जाती है। इसका निर्माण कराने वाली एरा कांस्ट्रक्शन कंपनी को एनएचएआई द्वारा ब्लैक लिस्टेड किया जा चुका है, जिसके बाद से इसकी मरम्मत का कार्य नहीं कराया गया है।
डेंजर जोन बने मैगलगंज-जेबीगंज के बीच सात अंडरपास
लखनऊ-बरेली नेशनल हाईवे को फोरलेन बनाने के साथ ही कस्बों की भीड़भाड़ से दूर रखने के लिए ही जगह-जगह बाईपास बनाया गया है। मैगलगंज से जेबीगंज के बीच में बाईपास के साथ ही सात अंडरपास बनाए गए हैं। मैगलगंज, जेबीगंज, और चपरतला के अंडरपास में गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। इसके अलावा जहानीखेड़ा (बरवर मोड़), अंबारी, डेल पंडरवा (हरदोई), जेबीगंज-मोहम्मदी मार्ग पर भी अंडरपास बनाए गए हैैं।
अंडरपास के दोनों ओर सड़क ऊंचाई पर बनी है, जिसमें बलुई मिट्टी का प्रयोग किया गया है। यह मिट्टी तेज बारिश में ढलान की वजह से बहुत तेजी से कट जाती हैै। इसे रोकने के लिए जरूरी उपाय किए जाएंगे। अंडरपास की छत में क्रैक आने की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जा चुकी है। जनवरी में मरम्मत कराई जाएगी।
-आकांश दीक्षित, एई, एनएचएआई