ममरी। (लखीमपुर) बसखेड़ा गांव का निवासी इदरीश ट्रैक्टर से खेत की जुताई कर रहा था, इसी बीच गन्ने के खेत में मौजूद बाघ ट्रैक्टर के सामने आ गया और बाघ ने युवक पर हमले का प्रयास किया। जिसे देख युवक के होश उड़ गए और उसके शोर मचाने पर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंच गए, जिससे बाघ दुबारा गन्ने के खेत में घुस गया।
इसकी सूचना वनकर्मियों को दे दी गई है। इधर, सुंदरपुर गांव के समीप भट्टे की झाड़ी में नौ दिनों से डेरा जमाए बाघ की दहाड़ 10वें दिन सुनाई नहीं दी। प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा का कहना है कि एसटीपीएफ जवानों के कांबिंग करने पर बाघ शायद जंगल में चला गया। रेंजर मोबीन आरिफ ने बताया कि बुधवार की शाम एसटीपीएफ जवानों और वन कर्मियों को झाड़ी में कांबिंग करने भेजा गया था वहां उन्हें बाघ की कोई लोकेशन नहीं मिली है फिर भी उन्होंने गांव वालों से सतर्क रहने और गन्ने की छिलाई समूह बनाकर करने को कहा है। संवाद