लखीमपुर खीरी। बिना लाइसेंस या पंजीकरण के कोल्हू लगाकर गुड़ और राब बनाने वाले 25 कोल्हू मालिकों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। वायु प्रदूषण की बड़ी वजह बने कोल्हुओं को गांवों में जगह-जगह कुकुरमुत्ते की तरह लगाया गया है। इनके खिलाफ अब तक कार्रवाई करने में तहसील प्रशासन नाकाम रहा था, लेकिन खाद्य सुरक्षा औषधि प्रशासन (एफएसडीए) ने अवैध रूप से संचालित कोल्हुओं पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा अधिकारी मनोज कुमार प्रथम ने कुछ गांवों में लगाए गए कोल्हुओं का सर्वे और निरीक्षण किया, तो किसी के पास वैध लाइसेंस/पंजीकरण नहीं मिला। गांव बढैहया में कोल्हू मालिक मोहम्मद अहमद, गांव छोलाबारी में कोल्हू मालिक अजीम, अरशद, अलीम, कयूम खां, अब्दुल खालिद, अलीतुल्ला, गांव भूड़ा खान में कोल्हू मालिक उस्मान और माकूूब अली, गांव कुम्हरौआ में कोल्हू मालिक धनपाल सिंह, गांव बगरैठी में कोल्हू मालिक आदित्य त्रिपाठी, भुईहरा गांव में कोल्हू मालिक रजनीश, गांव धमौला में कोल्हू मालिक लल्लन खां और नसीर, खजुहा गांव में कोल्हू मालिक नरवीर सिंह, गांव मुड़ियाखेड़ा में नबीउल्ला और फिरोज, गांव बेला परक्षिया में कोल्हू मालिक अनुज, दिनेश कुमार, लफीक, गांव पालचक में कोल्हू मालिक रमेश गुप्ता, भौनापुर में कोल्हू मालिक वीरेंद्र कुमार वर्मा और ज्ञानेंद्र कुमार, गांव साहूपुर में कोल्हू मालिक राजेश कुमार, गांव रसूलपुर तफज्जुलहुसैन में कोल्हू मालिक राधा मोहन ने एफएसडीए से लाइसेंस नहीं लिया और न ही पंजीकरण कराया है। खास यह है कि छोलाबारी गांव में छह कोल्हू चलाए जा रहे हैं। इसी तरह अन्य गांवों में दो-दो या तीन-तीन कोल्हू लगे हैं।
25 कोल्हू मालिकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा क्योंकि इनके पास लाइसेंस नहीं मिला है और न ही आवेदन किया है।
-कौशलेंद्र शर्मा, अभिहित अधिकारी