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माफिया-लकड़कट्टों से यारी वन दरोगा को पड़ी भारी

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बेलरायां। दुधवा नेशनल पार्क में लकड़ी कटान के मामले को पार्क उपनिदेशक ने गंभीरता से लिया है। प्रारंभिक जांच में माफिया व लकड़कट्टों से संलिप्तता पाए जाने पर वन दरोगा सुभाष को दुधवा मुख्यालय से संबद्ध कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच में कई अन्य वनकर्मियों पर भी गाज गिरना तय माना जा रहा है।
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दुधवा नेशनल पार्क की बेलरायां रेंज के तहत कई महीनों से बड़े पैमाने पर साल व सागौन की लकड़ी का कटान हो रहा था। यह कटान एक वन दरोगा सहित कुछ वनकर्मियों के संरक्षण में होता था। 15 जनवरी की रात दुधवा नेशनल पार्क के आमबाग में लकड़कट्टों व वनविभाग के बीच मुठभेड़ हो गई थी। फायरिंग के दौरान लकड़कट्टे साल के बोटे लदी चार साइकिल मौके पर छोड़कर भाग निकले थे। अमर उजाला ने वन विभाग, लकड़कट्टों व माफिया के बीच चल रहे खेल पर खबरें लगातार प्रमुखता से छापी। पार्क के डीडी मनोज सोनकर ने खबरों को गंभीरता से लिया और प्रारंभिक जांच कराई। जांच में वन दरोगा सुभाष की संलिप्तता मिली। इस पर डीडी ने वन दरोगा सुभाष को मुख्यालय से संबद्ध कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही मामले की जांच के भी आदेश दिए हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो यदि जांच ठीक ढंग से हुई तो कई वन कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। डीडी की कार्रवाई से बेलरायां वन रेंज के अफसरों, माफिया व लकड़कट्टों में खलबली मची है।
दुधवा नेशनल पार्क के उप निदेशक मनोज सोनकर ने बताया कि 15 जनवरी को मुठभेड़ के दौरान बरामद हुई लकड़ी के मामले में बेलरायां वन रेंज कार्यालय पर पांच लकड़कट्टों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। वन विभाग टीम पर जानलेवा हमला करने की तहरीर भी कोतवाली तिकुनियां पुलिस को दी गई है।
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बेलरायां वन रेंज के तहत रेंज के कुछ वनकर्मियों की मिलीभगत से साल व सागौन की लकड़ी कटान का धंधा कई महीनों से बेरोकटोक चल रहा था। भैरमपुर वनचौकी क्षेत्र से लेकर बेलापरसुआ तक माफिया व लकड़कट्टे बेखौफ होकर कारोबार कर रहे थे। बड़े पैमाने पर चल रहे इस गोलमाल की जानकारी वन क्षेत्राधिकारी को न होना किसी के गले नहीं उतर रहा है। वनरेंज के सूत्रों की माने तो यह सारा खेल रेंज के एक अफसरों के ही इशारे पर चल रहा था।
बेलरायां वन क्षेत्राधिकारी चंद्रभाल से जब वन विभाग की तरफ से अब तक की गई कार्रवाई के बारे में पूछा गया तो उन्होंने पांच लोगों के खिलाफ वन अधिनियम के तहत केस काटने की बात तो बताई, लेकिन केस में किस-किस के नाम हैं। यह पूछे जाने पर उन्होंने अभी बताने की बात कहकर फोन काट दिया। उसके बाद फोन नहीं उठाया।
वन दरोगा सुभाष की संलिप्तता मिली है। उसे मुख्यालय से संबद्ध किया है। उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जो भी कर्मचारी दोषी मिलेगा। उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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- मनोज सोनकर डीडी, दुधवा नेशनल पार्क
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