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Lakhimpur Kheri: पिता और दो पुत्रों की आत्महत्या मामले में चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर, सिपाही निलंबित

Sat, 07 Dec 2024 02:22 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

लखीमपुर खीरी में पिता और दो बेटों की आत्महत्या मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एसपी ने बांकेगंज चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार को लाइन हाजिर कर दिया है। चौकी के सिपाही अजय पांडे को निलंबित किया गया है। 
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पिता के बाद दो बेटों ने की थी खुदकुशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी में महिला सिपाही पर मकान खाली कराने के लिए प्रताड़ना का आरोप लगाकर जान देने वाले बुजुर्ग के दो बेटों ने भी 36 घंटे के भीतर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह ट्रेन से कटकर जान देने वाले छोटे बेटे ने भी सुसाइड नोट में महिला सिपाही और उसके परिजनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। लिखा है कि इस परिवार की वजह से उसके पिता की जान गई, अब वह भी जान दे रहा है। पुलिस ने सिपाही, उसकी मां, बहन, भाई पर आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार किया है। वहीं बांकेगंज चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार को लाइन हाजिर किया गया है। सिपाही अजय पांडे को निलंबित किया गया है। 

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घटना थाना मैलानी क्षेत्र के बाबूपुर गांव की है। यहां रहने वाले 60 वर्षीय रामनरेश ने बुधवार रात घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। उनके बेटों मुकेश (28) व सुधीर (25) ने पुलिस से शिकायत कर सिपाही आरती निगम (डायल-112 में तैनात), उसकी मां रामदेवी, बहन शशिबाला और भाई शिवम पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। कहा था कि सिपाही से आजिज आकर पिता ने जान दी है। 

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पुलिस ने बृहस्पतिवार को चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इस बीच शुक्रवार सुबह सुधीर शौच के लिए बाहर गया था। उसने ट्रेन के सामने कूदकर जान दे दी। यह सुन बड़े भाई मुकेश ने घर में फांसी लगा ली। दो दिन में रामनरेश का पूरा परिवार खत्म हो गया। एसपी गणेश प्रसाद साहा ने बताया कि पिछले कुछ समय से दोनों परिवारों में मकान को लेकर विवाद चल रहा था। सुलह के भी प्रयास हुए, पर बात बनी नहीं। घटना की जांच की जा रही है। चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। 

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पुलिस सुन लेती तो आत्महत्या की नौबत नहीं आती
पिछले तीन महीने से चल रहा यह विवाद कई बार बकिगंज पुलिस के सामने आया। रामनरेश ने हर बार पुलिस को पूरी घटना बताते हुए कहा कि उसने अपने घर की जमीन दूसरे से खरीदी थी, लेकिन पुलिस ने उसकी एक न सुनी और राजस्व न्यायालय जाने की बात कहकर टरकाती रही। हर तरफ से आहत होने के बाद रामनरेश और उसके पुत्रों ने आत्महत्या का रास्ता अपनाया। बुधवार को दोनों पक्षों में समझौते की कोशिश भी पुलिस चौकी पर हुई थी, लेकिन बात नहीं बनी। 
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