लखीमपुर खीरी। बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग में अब स्टाफ की कमी दूर हो गई है। विभाग को 69 नई मुख्य सेविकाएं मिल गई हैं।
जिले के 15 ब्लाकों में 3500 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इसके सापेक्ष 126 मुख्य सेविकाएं होनी चाहिए, लेकिन मौजूदा समय में विभाग के पास मात्र 20 ही हैं, जिनसे जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। एक-एक मुख्य सेविकाओं को चार-चार जगह अतिरिक्त काम देखना पड़ता था। अब विभाग को 69 नई मुख्य सेविकाएं मिल गई है, इससे विभागीय कार्यों को गति मिलेगी।
एक सप्ताह पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में चयनित मुख्य सेविकाओं को नियुक्तिपत्र दिए थे, जिसमें खीरी जिले की 64 महिलाएं भी शामिल थीं। लखीमपुर जिले को जो 69 मुख्य सेविकाएं मिली हैं, उसमें करीब 45 से 50 महिलाएं जिले की ही हैं, शेष अन्य जिलों की है।
योग्यता सूची के आधार पर उनको जिला आवंटित किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने बताया कि शासन ने जिले को 69 नई मुख्य सेविकाएं भेज दी है। जल्द ही सभी को ब्लाॅकों में तैनाती दे दी जाएगी। अभी तक विभाग के पास बहुत कम मुख्य सेविकाएं थीं। इससे काफी दिक्कतें आती थीं, लेकिन काम की रफ्तार बढ़ेगी।
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अब कार्यों की ठीक से होगी निगरानी
मुख्य सेविका का मुख्य कार्य एक एकीकृत बाल विकास सेवाओं के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों की पर्यवेक्षण करना, और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को मार्गदर्शन देना, उनके कार्यों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों के लिए पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण जैसे कार्यक्रमों की योजना बनाना होताा है। साथ ही, वे सामाजिक मुद्दों जैसे गरीबी, घरेलू हिंसा और जनसंख्या नियंत्रण से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी होती है।