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सट्टा किंग से बरामद धनराशि पर प्रमुख सचिव ने किया सवाल....

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कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रमुख सचिव ने एक दिन पहले ही सट्टा किंग को जेल भेजने के मामले में खीरी पुलिस को कटघरे में खड़ा कर दिया है। एसपी पूनम से दो टूक कहा कि सट्टे के मामले में सिर्फ दो लाख 80 हजार रुपये की बरामदगी उन्हें खटक क्यों नहीं रही है? उन्होंने मामले की जांच किसी सक्षम कमेटी से क्यों नहीं कराई? इस कारोबार से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के क्या प्रयास किए गए? प्रमुख सचिव के ताबड़तोड़ सवालों की बौछार के जवाब देते समय एसपी कई बार अटकीं, लेकिन स्थिति को संभालते हुए कहा कि तीन नाम और सामने आए हैँ, जिसमें एक लखनऊ का है, जबकि दो जिले के हैं। बरामद रकम की जांच के लिए कमेटी बनाएंगी।
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शुक्रवार को सदर कोतवाली पुलिस ने मेला मैदान रोड पर स्थित एक मॉल पर छापा मारा था। इस दौरान विश्व कप पर हारजीत और विकेट आदि पर ऑनलाइन सट्टा लगा रहे भटनागर कॉलोनी निवासी दीपक अग्रवाल उर्फ गांठी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मौके से 2.80 लाख रुपये, 10 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, रुपये गिनने वाली मशीन और पंच मशीन बरामद की थी। हालांकि छापे के बाद चर्चा थी कि पुलिस ने 10 से 15 लाख के बीच रुपये की बरामदगी की थी। शनिवार को समीक्षा बैठक में नोडल अफसर डॉ. रजनीश दुबे ने एसपी पूनम से पूछा कि सट्टे को लेकर क्या कार्रवाई हुई है। इस पर एसपी ने कहा कि सटोरियों पर कार्रवाई की जाती है। शुक्रवार को भी एक बड़े सटोरिये को पकड़ा गया है। उसके पास से 2.80 लाख रुपये की नकदी बरामद हुई है। उस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि इतने बड़े पैमाने पर सट्टा खिलवाने के पास से 2.80 लाख रुपये की बरामदगी बहुत छोटी है। कौन लोग इसमें शामिल हैं। कितने की बरामदगी हुई है इसकी एसडीएम और एएसपी की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराने के निर्देश दिए।
पुलिस के रडार पर आए सटोरिया
नोडल अफसर द्वारा सट्टा मामले पर सवाल उठाने के बाद पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने आरोपी दिनेश अग्रवाल उर्फ गांठी के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबरों और पूछताछ में उससे मिले अहम क्लू पर सटोरियों की पहचान करने में जुट गई है।
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कई सटोरिया हुए भूमिगत
सट्टा किंग के नाम से मशहूर दिनेश अग्रवाल उर्फ गांठी के पकड़े जाने की खबर जब फैली तो सटोरियों में हड़कंप मच गया था। खुद को पकड़े जाने के भय से कई नामचीन सटोरिया भूमिगत हो गए हैं।
कई सट्टा मामलों में पुलिस ने किया यह खेल
शहर में सट्टा कारोबार चरम सीमा पर होता है। जून महीने में एक दरोगा ने अलग-अलग दिनों से कई सटोरियों को ऑनलाइन सट्टा लगाते पकड़ा। मोबाइल भी बरामद किए थे, लेकिन इनमें खेल कर दिया। दरोगा ने आरोपी पक्ष से सांठगांठ कर फर्द बरामदगी में मोबाइलों का जिक्र नहीं किया। सिर्फ 13 जी के तहत मामला दर्ज कर कोतवाली से ही जमानत दे दी, अन्य दरोगाओं द्वारा पकड़े गए ऐसे सभी मामलों में मोबाइल फोनों की बरामदगी है। कानून के जानकारों की माने तो आईटी एक्ट लगने के बाद आरोपी को थाने ले जमानत नहीं दी जा सकती।
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