जेएसवाई की किचन में चार दिन से ठप पड़ा है चूल्हा
रसोइया बोली, ठेकेदार नहीं कर रहा खाद्य सामग्री की सप्लाई
पहले किचन में लापरवाही पर ठेकेदार को जारी हो चुकी हैं नोटिस
जननी सुरक्षा योजना के तहत सीएचसी में प्रसव के लिए आने वाली प्रसूताओं का "सरकारी-फाका" हो रहा है। सीएचसी में जेएसवाई के तहत प्रसूताओं को भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था ने यहां पर खाद्य सामग्री की आपूर्ति ठप कर दी है। किचन में कोई भी सामान न होने और दुकानदार का पिछला बकाया होने से उसने रसोइया को अब सामग्री देने से मना कर दिया है। ऐसे में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को शासन की ओर से निर्धारित 'डाइट' बंद है।
शासन ने सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव बढ़ाने एवं प्रसूताओं के स्वास्थ्य को देखते हुए मुफ्त भोजन देने की व्यवस्था की है। सरकारी अस्पतालों में प्रसव केंद्रों पर संचालित इस योजना में प्रसूता को भर्ती होने के समय से डिस्चार्ज होने तक सेहतमंद नाश्ता, दोपहर एवं शाम का खाना दिया जाता है। बिजुआ सीएचसी पर जेएसवाई के तहत संचालित रसोई का ठेका बरेली की एक संस्था को दिया गया है। सीएचसी में प्रसूताओं को मानक के अनुसार नाश्ता एवं भोजन न देने के आरोप पहले भी लगते रहे हैं, इसी के चलते संस्था को कई नोटिस भी दी जा चुकी हैं। एक बार फिर 25 जुलाई से सीएचसी की भर्ती होने वाली प्रसूताओं का सरकारी फाका हो रहा है। किचन बंद होने से आशा वर्कर एवं तीमारदारों के बीच किचकिच भी हो रही है। दरअसल आशा वर्कर संस्थागत प्रसव बढ़ाने के लिए प्रसूता को सरकारी अस्पताल लाने के लिए जागरूक करती हैं। उनमें यहां की किचन का भी जिक्र होता है, वहीं सेहत महकमे ने प्रसूताओं को उनकी डाइट का ध्यान रखने के लिए खाने के कुछ मानक तय किए हैं। रसोइया के मुताबिक ठेकेदार ने सामान देने से मना कर दिया है, इसलिए रसोई ठप है।
प्रसूताओं को शासन की ओर से भर्ती के समय तक भोजन एवं नाश्ता देने की जिम्मेदारी एक संस्था को दी गई है, रसोई बंद होने की सूचना सीएमओ कार्यालय को भेजने के साथ ठेकेदार/संस्था को भी लिखा गया है।
-अमितेश द्विवेदी, प्रभारी चिकित्साधिकारी-बिजुआ