मछली के जाल से अजगर के छुड़ाते वनकर्मी। स्रोत : वन विभाग
निघासन/बिजुआ। जिले में अलग-अलग जगह वन्यजीवों की मौजूदगी से ग्रामीणों में हलचल मच गई। निघासन के करमूपुरवा गांव में करीब पांच फुट लंबा अजगर मछली पकड़ने के जाल में फंस गया। वहीं, बिजुआ के लखरावा गांव में तालाब से निकला आठ से दस फुट लंबा मगरमच्छ कुत्ते का पीछा करते हुए आबादी तक पहुंच गया।
करमूपुरवा में खेत मालिक सलीम ने जाल में अजगर फंसा देख वन विभाग को सूचना दी। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर अजगर को बिना चोट पहुंचाए जाल से निकाल लिया और जंगल में छोड़ दिया। रेंजर मोहम्मद मोबीन आरिफ ने बताया कि अजगर को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। टीम में वन दरोगा अखिलेश रावत, फॉरेस्ट गार्ड कमलकांत, रेस्क्यूअर अक्षय मौर्य और वाहन चालक शामिल रहे।
बिजुआ के गोला वनरेंज क्षेत्र के लखरावा गांव में बृहस्पतिवार सुबह तालाब से निकला मगरमच्छ कुत्ते का पीछा करते हुए घर के पास तक पहुंच गया। ग्रामीणों के अनुसार, तालाब में कई दिनों से मगरमच्छ देखा जा रहा था। कुत्ता जान बचाकर गांव की ओर भागा तो मगरमच्छ भी उसके पीछे आबादी में आ गया। शोर मचने पर वह झाड़ियों में छिप गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी और टीम के पहुंचने तक उस पर नजर रखी।
ग्रामीण जाबिर, रामपाल, सुलेमान और अनिल कुमार ने बताया कि मगरमच्छ काफी बड़ा है। उन्होंने उसे सुरक्षित पकड़कर उचित स्थान पर छोड़ने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार, शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद मगरमच्छ अक्सर तालाबों में आ जाते हैं। क्षेत्रीय वनाधिकारी गोला अमित कुमार सिंह ने बताया कि टीम मौके पर भेजी गई है और मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़कर उचित स्थान पर छोड़ा जाएगा।
मछली के जाल से अजगर के छुड़ाते वनकर्मी। स्रोत : वन विभाग