जिला अधिवक्ता संघ चुनाव: 1618 वकीलों ने किया मतदान
वोटों की गिनती आज, देर शाम तक फैसला आने की उम्मीद
जिला अधिवक्ता संघ सभागार में शनिवार को वकीलों ने नई कार्यकारिणी गठन के लिए मतदान किया। सुबह पौने नौ बजे से शुरू हुआ मतदान शाम चार बजकर पांच मिनट तक चला। इस दौरान 1875 वैध मतदाताओं में से 1618 वकीलों ने मतदान किया। मुख्य चुनाव अधिकारी रामनरायन त्रिवेदी ने बताया कि रविवार की सुबह नौ बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी, जो परिणाम समाप्त होने तक चलती रहेगी।
कचहरी परिसर में वकीलों के चुनाव के लिए जारी उठापटक शनिवार को पूरे शबाब पर रही। जिला अधिवक्ता संघ सभागार में वकीलों का मतदान सुबह साढ़े आठ बजे से होना था लेकिन 15 मिनट विलंब से शुरू हो सका, जो धीरे-धीरे गति पकड़ता रहा, दोपहर तक मतदान करने के लिए वकीलों को लंबी लाइन में अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। शाम चार बजे की नियत समयावधि बीतते-बीतते 1618 वकीलों ने बैलेट पर अपना फैसला लिख दिया। बाद में मतदान कक्ष बंद करने के बाद उम्मीदवार और उनके अभिकर्ताओं की मौजूदगी में मतपेटियां सील की गई। बाद में मतपेटियां जिला अधिवक्ता संघ के डबल लॉक में रखवाई गई।
33 राउंड में होगी मतगणना
रविवार की सुबह से शुरू होने वाली वोटों की गिनती में 33 चरणों में मतों की गिनती होगी। प्रत्येक चरण में 50-50 वोटों की गिनती होगी, दोपहर लंच के बाद शुरू होने वाली वोटों की गिनती परिणाम घोषित होने तक जारी रहेगी। इस दौरान प्रत्याशियों और उनके अभिकर्ताओं की बैठने की व्यस्था मतगणना स्थल पर दूसरी ओर की गई है।
ये है चुनाव अधिकारियों की टीम
जिला अधिवक्ता संघ चुनाव में प्रमुख रूप से शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न कराने के लिए रामनरायन त्रिवेदी के अलावा उप चुनाव अधिकारी सच्चिदानंद मिश्र, देवीदत्त, फसाहत उल्ला खा, सत्यदेव पांडेय, संतपाल सिंह पवांर, रामसागर वर्मा, वीरेंद्र श्रीवास्तव, आनंद शुक्ला, सुनील सिंह, वीरेंद्र वर्मा, उमाशंकर वर्मा, अवधेश सिंह, राजेंद्र रूहेला, रमाकांत नीरज, अवनीश मिश्र, मो.नूर उल्ला खां, अरविंद गुप्ता, विश्वास श्रीवास्तव, अजीत तिवारी, संतोष अवस्थी, विजय राज, रामगोपाल पांडेय, बलस्टर पांडेय, संदीप सिंह चौहान, वीरेंद्र रस्तोगी, नीरज मिश्र, विमलेंद्र प्रताप मिश्र, आशीष शुक्ला, विवेक अवस्थी, यदुवेंद्र वर्मा, राहुल तिवारी, अमित त्रिवेदी ने काफी मेहनत की।
किसी चुनौती के समान होगा आनन-फानन शपथ ग्रहण का आयोजन
इस बार जिस तरह से मतदान के तुरंत बाद मतगणना और उसके अगले ही दिन शपथ ग्रहण समारोह के आयोजन के लिए तिथि दी गई है, इसके चलते शपथ ग्रहण समारोह फीका रहने की उम्मीद हैं, क्योकि रविवार की देर शाम मतगणना परिणाम आने की उम्मीद है। उसके बाद अगले ही दिन शपथ ग्रहण रखे जाने से भव्य आयोजन में संशय दिख रहा है। हालांकि चुनाव में भागीदारी कर रहे उम्मीदार मानते हैं कि कि अगर शपथ ग्रहण कराने के लिए समय मिलता तो हाईकोर्ट से किसी बड़े व्यक्तित्व को बुलाया जा सकता था, वहीं अरसे से 23 जनवरी को शपथ ग्रहण समारोह कराने की परिपाटी भी काफी पुरानी है क्योंकि इसी दिन शहीद दिवस मनाया जाता है।