लखीमपुर खीरी। जिले में अवैध पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर और निजी अस्पतालों की भरमार हो गई है। 50 लाख की आबादी वाले जिले में पिछड़ती सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं ने निजी अस्पतालों को एक तरह से संजीवनी दी है। बिना पंजीकरण ही निजी अस्पताल धड़ल्ले से चल रहे हैं। एक बार फिर से सीएमओ ने अवैध अस्पतालों को बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।
बिना डॉक्टर और अप्रशिक्षित स्टाफ के सहारे चल रहे इन अस्पतालों और पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर बंद कराने के लिए सीएमओ ने 28 फरवरी का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, इस अल्टीमेटम का कोई फर्क नहीं पड़ा। नतीजतन अब भी धड़ल्ले से पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर चल रहे हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इन अस्पतालों और पैथोलॉजी सेंटर पर लोग इलाज के नाम पर अपना पैसा लुटाने को मजबूर हैं। सीएमओ ने अस्पताल एवं पैथोलॉजी संचालकों को 25 मार्च तक पंजीकरण और नवीनीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने आवेदन करने के साथ ही अस्पताल संचालन शुरू कर दिया है, जो कि गलत है। निरीक्षण के दौरान पंजीकरण न होने, संबंधित डॉक्टर न मिलने पर वैधानिक कार्यवाही होगी।