दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों के लिए बुधवार से बंद कर दिया गया है। इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक और दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक कैलाश प्रकाश के बाहर होने के कारण 2021-22 पर्यटन सत्र समापन के मौके पर कोई समारोह नहीं हुआ। दुधवा का अगला पर्यटन सत्र नवंबर में शुरू होगा। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक संजय पाठक ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क हर साल 15 नवंबर से 15 जून तक (छह माह) खोला जाता है। दुधवा हो या किशनपुर सेंक्चुरी, यहां के जंगलों के प्राकृतिक सौंदर्य और खूबसूरती के कायल जिले के ही नहीं दूसरे जनपद के सैलानी लगातार भ्रमण पर आते रहते हैं। यही नहीं विदेशी सैलानियों की आवाजाही भी बनी रहती है। दुधवा, सठियाना, सोनारीपुर थारू हट और गेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग कर सैलानी ठहरते हैं। सैलानी यहां कई-कई दिनों तक रुककर शांत वातावरण के साथ ही जंगल की खूबसूरती का भी आनंद लेते हैं। इसके साथ ही जंगल भ्रमण के लिए जंगल सफारी वाहनों की बुकिंग कर सैलानी किशनपुर सेंक्चुरी समेत कई अन्य स्थलों पर बाघ, चीतल, पाढ़ा, हिरन, भालू समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करते हैं।
सत्र समाप्त होने से पहले बढ़ी सैलानियों की भीड़
पर्यटन सत्र समाप्त होने से पहले सैलानियों की भीड़ बढ़ गई। पिछले एक सप्ताह के अंदर हर दिन 100 से अधिक सैलानी जंगल भ्रमण पर आए। बुधवार को पर्यटन सत्र समाप्त होने पर पार्क प्रशासन ने भ्रमण के रास्तों पर ताले जड़ दिए। अब अगले चार महीने तक सैलानी दुधवा भ्रमण नहीं कर सकेंगे। केवल पार्क के अधिकारी और कर्मचारी ही जंगल में गश्त करेंगे।