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बाय-बाय दुधवा: बंद हुए पार्क के द्वार, आखिरी दीन सैलानियों ने देखा बाघ-भालू और हाथियों का झुंड

Fri, 17 Jun 2022 12:11 PM IST
बरेली ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, बांकेगंज।

सार

बीते दो सालों में कोरोना काल के चलते कभी भी पर्यटन पूरा नहीं चल सका। बीच-बीच में बंद जरूर हुआ, लेकिन बीते दो सालों के बाद पहली बार पर्यटन सत्र पूरा चला। एक नवंबर से खुलने वाला पार्क का पर्यटन सत्र 15 जून तक चला।
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Dudhwa National Park - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों के लिए बुधवार से बंद कर दिया गया है। इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी संजय पाठक और दुधवा नेशनल पार्क उपनिदेशक कैलाश प्रकाश के बाहर होने के कारण 2021-22 पर्यटन सत्र समापन के मौके पर कोई समारोह नहीं हुआ। दुधवा का अगला पर्यटन सत्र नवंबर में शुरू होगा। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक/ फील्ड निदेशक संजय पाठक ने बताया कि दुधवा नेशनल पार्क हर साल 15 नवंबर से 15 जून तक (छह माह) खोला जाता है। दुधवा हो या किशनपुर सेंक्चुरी, यहां के जंगलों के प्राकृतिक सौंदर्य और खूबसूरती के कायल जिले के ही नहीं दूसरे जनपद के सैलानी लगातार भ्रमण पर आते रहते हैं। यही नहीं विदेशी सैलानियों की आवाजाही भी बनी रहती है। दुधवा, सठियाना, सोनारीपुर थारू हट और गेस्ट हाउस की ऑनलाइन बुकिंग कर सैलानी ठहरते हैं। सैलानी यहां कई-कई दिनों तक रुककर शांत वातावरण के साथ ही जंगल की खूबसूरती का भी आनंद लेते हैं। इसके साथ ही जंगल भ्रमण के लिए जंगल सफारी वाहनों की बुकिंग कर सैलानी किशनपुर सेंक्चुरी समेत कई अन्य स्थलों पर बाघ, चीतल, पाढ़ा, हिरन, भालू समेत कई दुर्लभ वन्यजीवों का दीदार करते हैं।

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सत्र समाप्त होने से पहले बढ़ी सैलानियों की भीड़
पर्यटन सत्र समाप्त होने से पहले सैलानियों की भीड़ बढ़ गई। पिछले एक सप्ताह के अंदर हर दिन 100 से अधिक सैलानी जंगल भ्रमण पर आए। बुधवार को पर्यटन सत्र समाप्त होने पर पार्क प्रशासन ने भ्रमण के रास्तों पर ताले जड़ दिए। अब अगले चार महीने तक सैलानी दुधवा भ्रमण नहीं कर सकेंगे। केवल पार्क के अधिकारी और कर्मचारी ही जंगल में गश्त करेंगे।

कोविड के कारण पिछले दो पर्यटन सत्र रहे थे प्रभावित
एफडी ने बताया कि कोविड के कारण पिछले दो पर्यटन सत्र प्रभावित रहे थे, जबकि इस वर्ष पिछले पर्यटन सत्र के सापेक्ष सकारात्मक असर रहा। पर्यटन सत्र 2020-21 में 20772 भारतीय और नौ विदेशी सैलानी आए और 35 लाख रुपये से अधिक राजस्व की प्राप्ति हुई, जबकि 2021-22 में माह मई तक 26300 से अधिक भारतीय और 40 से अधिक विदेशी सैलानियों ने दुधवा भ्रमण किया। इस सत्र में 51 लाख से अधिक राजस्व मिला। जो विगत दो वर्षों की अपेक्षा काफी अधिक हैं।

 
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अंतिम दिन सैलानियों ने देखा बाघ, भालू व हाथियों का झुंड
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क का मुख्य द्वार बुधवार को सैलानियों के लिए बंद कर दिया गया। अंतिम दिन सैलानियों ने जंगल का भ्रमण कर वहां हिरन के साथ ही स्वच्छंद विचरण करते हुए बाघ के दीदार भी किए। अंतिम दिन पार्क में जाने वाले सैलानियों की खुशी का ठिकाना देखते ही बन रहा था। सैलानियों के लिएल् दे शाम को पार्क के द्वार बंद कर दिए गए हैं। अब 15 नवंबर को दुधवा के द्वार खोले जाएंगे।
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