लखीमपुर/तिकुनिया। पानी रिसाव के चलते मैलानी-नानपारा रूट की ट्रेनें बंद होने से क्षेत्र के लोगों का आवागमन प्रभावित हो गया है। तिकुनिया से दिल्ली-बहराइच, गोंडा के लिए बसें पहले ही नहीं थीं, अब एक मात्र साधन ट्रेनों के पहिये भी फिलहाल थम गए हैं। तिकुनिया के लोग अब न सीधे दिल्ली जा सकते न ही बहराइच, गोंडा, जो एक बड़ी चुनौती है।
तिकुनिया, नेपाल बॉर्डर का कस्बा है, जो व्यापार का एक हब माना जाता है। तिकुनिया से जिला मुख्यालय के लिए प्राइवेट बसों का संचालन होता है। लखनऊ और दिल्ली के लिए एक-एक रोडवेज बस संचालित है, लेकिन दिल्ली और बहराइच के लिए कोई बस नहीं है। अधिकांश लोग ट्रेन से बहराइच, गोंडा जाते थे, जो मौजूदा समय में बंद है।
वैसे तो तिकुनिया से बहराइच की दूरी 145 किलोमीटर है, लेकिन कोई सीधी सवारी न होने से लोगों को लखीमपुर होकर जाना पड़ता है, जिससे दूरी कहीं अधिक हो जाती है।
व्यापारियों की मांग पर तिकुनिया में 16 जून को सीतापुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार पहुंचे थे। उन्होंने दिल्ली-बहराइच के लिए बसें संचालित करने का वादा किया था, जिसमें दिल्ली के लिए दो एसी बसों के संचालन की बात कही थी, लेकिन आजतक एक भी बस नहीं चल सकी। उधर, सीतापुर डिपो के एआरएम राकेश कुमार ने बताया कि पांच लोकल बसें मिली हैं। जल्द ही दिल्ली के लिए सेवा शुरू की जाएगी।
बोले व्यापारी- बिना साधन व्यापार करना मुश्किल
कस्बा निवासी पुस्तक विक्रेता सहज राम जायसवाल ने बताया कि व्यापार के सिलसिले में अक्सर दिल्ली आना-जाना होता है, लेकिन अब सीधा साधन न होने से परेशानी आ रही है। तराई विकास संस्थान के महामंत्री सत्य प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि सीतापुर डिपो के अधिकारी ने खुद ही बसें संचालित करने की बात कही थी, लेकिन आजतक नहीं हो सकी। कॉस्मेटिक व्यापारी आनंद अग्रवाल ने बताया कि बस सेवा न होने से व्यापार करना मुश्किल हो रहा है। व्यापारी हरि भगवान शर्मा ने कहा कि इस मुद्दे को कई बार उठा चुके, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं देते।