लखीमपुर खीरी। लखीमपुर डिपो को नया बस अड्डा और वर्कशॉप निर्माण के लिए जमीन काफी समय पहले मिल चुकी है, लेकिन बजट न मिलने से अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। जमीन की नपाई से लेकर एस्टीमेट तैयार होने के बावजूद मामला शासन स्तर पर अटका हुआ है और प्रस्ताव फाइलों में ही कैद है।
शहर के बीचों-बीच स्थित मौजूदा रोडवेज बस अड्डा बेहद सीमित जगह में संचालित हो रहा है, जिससे यात्रियों और बस संचालन दोनों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों के लिए पर्याप्त सुविधाओं का अभाव है। यह बस अड्डा दान की जमीन पर बना था, जिसका उद्घाटन वर्ष 1965 में तत्कालीन परिवहन मंत्री मुजफ्फर हुसैन ने किया था। उस समय बसों और आबादी की संख्या कम होने से व्यवस्था सुचारू रही, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
मौजूदा समय में डिपो के पास 15 निगम और 86 अनुबंधित बसों के अलावा 30 से 35 बसें अन्य डिपो की भी आती हैं। जगह की कमी के कारण कई बार अन्य डिपो की बसों को खड़ा करने में भी समस्या होती है, जिससे चालक बसें डिपो पर लाने से बचते हैं।
करीब दो दशक के प्रयासों के बाद गोला मार्ग पर पंडित दीनदयाल स्कूल के पीछे 17 बीघा जमीन उपलब्ध हो चुकी है, लेकिन निर्माण प्रक्रिया अब तक शुरू नहीं हो सकी है। नया बस अड्डा न बनने से पुरानी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
ध्वस्त होगा पुराना भवन, बनेगा नया
नए बस अड्डे और वर्कशॉप के साथ लखीमपुर डिपो पर नया भवन भी बनाया जाएगा। इसके लिए पुराने भवन को ध्वस्त किया जाना है, जिसकी नपाई हो चुकी है। हालांकि अभी तक ध्वस्तीकरण का कार्य शुरू नहीं हुआ है।
लखीमपुर में नया बस अड्डा व वर्कशॉप निर्माण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। बजट मिलने वाला है, जिसके बाद जल्द ही कार्य शुरू कराया जाएगा।
-इंजीनियर रमेश कुमार, आरएम, हरदोई परिक्षेत्र