लखीमपुर खीरी। जिले में जल जीवन मिशन बजट का प्यासा है। अधिकांश जगह ओवरहैंड टैंक तैयार हैं। गांव में पाइप लाइन भी बिछी हैं, लेकिन पानी फिर भी नहीं पहुंच रहा। धनराशि के अभाव में बचे छोटे-छोटे कार्य पूरे न होने से इसका लाभ क्षेत्रवासियों को नहीं मिल पा रहा है।
रविवार को जल जीवन मिशन के कार्यों की पड़ताल की गई, जिसकी स्थिति काफी खराब मिली। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में 904 परियोजनाओं का काम होना है। घर-घर पानी पहुंचाने के लिए 11534 के सापेक्ष अब तक 11519 किलो मीटर पाइप लाइन बिछाई जा चुकी है। जिले में 926 ओवरहेड टैंक के सापेक्ष 430 बन चुके हैं और 560532 घरों के सापेक्ष 528070 कनेक्शन दिए जा चुके हैं।
विभाग का दावा है कि 750 गांवों में पेयजल की आपूर्ति है, लेकिन हकीकत कुछ और है। कुछ जगह तकनीकी कारणों से पानी नसीब नहीं है तो कुछ जगह बजट के अभाव में काम बंद है। निघासन के रकेहटी देहात ओवरहेड टैंक से 12 मजरों को पानी जाता था, लेकिन रकहेटी अब नगर पालिका में होने से 12 मजरों की आपूर्ति काट दी। इसके बाद इदरीशपुरवा, धर्मापुर आदि 12 मजरों को पानी नहीं मिल पा रहा।
आज तक एक बूंद भी नहीं मिला पानी
केशवापुर। सदर तहसील के सकेथू में तीन साल बाद भी टंकी का निर्माण पूरा नहीं हो सका। सेमरई में दो पानी की टंकी बनीं, जिससे मजरा राजेपुर व कोरैया पानी सप्लाई होनी थी। आज तक एक बूंद भी पानी नहीं पहुंचा। कोरैया के लाल बिहारी, तोताराम, सोभित कुमार सालिक राम ने बताया कि पानी कब मिलेगा, पता नहीं। संवाद
सोलर का तार चोरी के बाद से आपूर्ति ठप
मैगलगंज। खखरा गांव में 620.90 लाख से बना ओवरहेड टैंक शो-पीस बनकर रह गया है। सोलर प्लेट का तार चोरी होने के बाद टैंक में पानी नहीं भर पा रहा। ग्रामीण दिनेश ने बताया कि एक वर्ष तक पानी मिला, लेकिन चोरी के बाद से सप्लाई बंद है। कई बार शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। जेई अभय यादव ने बताया कि तार डलवाकर जल्द ही सप्लाई शुरू कराई जाएगी। संवाद
पुनर्भू ग्रंट में 344.400 लाख हो चुके खर्च
गोला गोकर्णनाथ। बांकेगंज ब्लाॅक की नौ मजरों वाली ग्राम पंचायत पुनर्भू ग्रंट में 344.400 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं, लेकिन पानी नसीब नहीं हुआ। दावा तो 13086 मीटर पाइप लाइन बिछाकर 1406 घरों को कनेक्शन देने का है, लेकिन पाइप लाइन टूटी होने से टोटियां कीचड़ उगलती हैं। कुछ जगह टोटियां नदारद ही हैं। जेई अभिषेक ने बताया कि मरम्मत होनी है, जिसमें 6 महीने लग जाएंगे। संवाद
ढाई साल में सिर्फ नींव ही बन सकी
भीखमपुर। कस्बे में ढाई साल हो गए, लेकिन ओवरहेड टैंक का काम सिर्फ नींव बनने तक हो सका। यहां पाइप बिछा दिए गए। बताते हैं कि फंड न होने काम अटका है। प्रधान विमलेश कुमारी ने बताया कि पानी के इंतजार में बहुत दिनों से हैं, लेकिन शुद्ध पानी कब मिलेगा, पता नहीं। संवाद
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पाइप लाइन टूटने से सड़क पर भरता है पानी
बरबर। पसगवां मार्ग पर भौंनापुर गांव में पाइप लाइन टूटने से पानी सड़क पर वह रहा है। प्रधान नंदकिशोर ने बताया कि जेई आरिश के अनदेखी के कारण ग्रामीण दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। गांव में बिना टोटी की दर्जनों टंकी लगी हुई हैं, जिनका पानी सड़क या नालियों में बहता रहता है। संवाद
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पानी की टंकी बनी, लेकिन चालू नहीं
मझगईं। क्षेत्र समेत त्रिलोकपुर, बेला, चौरी, खालेपुरवा, बबौरा आदि गांवों में टंकी से पानी नहीं मिल पा रहा है। मझगईं में कुछ लोगों को तो पानी मिल रहा है, लेकिन आधा कस्बा पानी के लिए तरस रहा है। बेला व त्रिलोकपुर में पुराने ओवरहैड टैंक बने थे और त्रिलोकपुर में दोबारा से ओवरहेड टैंक का काम पूरा हो चुका है, लेकिन पानी नहीं मिल रहा है।
बजट के अभाव में काफी काम प्रभावित हो रहा है। भुगतान में देरी के कारण एजेंसी अपने वेंडरों को भुगतान नहीं कर पा रही है, जिससे काम रुके हुए हैं। शासन से बातचीत कर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
अविनाश गुप्ता, अधिशाषी अभियंता, जल निगम
हरीपुरवा गांव में सूखी पड़ी पाइप लाइन। संवाद