लखीमपुर खीरी। नाबालिग से दुष्कर्म के नौ साल पुराने मामले में बुधवार को अपर जिला न्यायाधीश वीरेंद्र नाथ पांडेय ने समीर अहमद और उसके बहनोई शफीक को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की आधी रकम पीड़िता को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 26 मई 2017 की शाम करीब छह बजे की है। कोतवाली सदर क्षेत्र के एक गांव की कक्षा आठ की छात्रा खेत से शौच के बाद लौट रही थी। आरोप था कि गोड़वा पकरिया निवासी शफीक ने अपने साले समीर अहमद के साथ मिलकर उसे पकड़ लिया और दुष्कर्म किया। दोनों ने पीड़िता को जान से मारने की धमकी भी दी। शोर सुनकर लोग जुटने लगे तो शफीक भाग गया, जबकि समीर ग्रामीणों के हाथ लग गया।
समीर को हिरासत में लेकर कोतवाली सदर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस की दबिश के बाद शफीक ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। सुनवाई के दौरान पीड़िता समेत रामू जायसवाल, श्यामू, अवधेश, डॉ. मीनाक्षी चौधरी, कांस्टेबल काली प्रसाद गौड़, एसआई नीरज मिश्र, संजय शर्मा, कुंवर बहादुर सिंह, दिलीप कुमार, विजय कुमार, अतुल द्विवेदी और डॉ. वीके वर्मा ने बयान दर्ज कराए। अदालत ने समीर अहमद निवासी उमरिया और शफीक निवासी गोड़वा पकरिया को दोषी ठहराया।