जल्दी समस्याएं न सुलझीं तो होगा बेमियादी धरना प्रदर्शन
गन्ना किसानों के बकाया मूल्य भुगतान की मांग और चकबंदी प्रक्रिया में बड़ी अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन ने बुधवार को भूख हड़ताल की। भूख हड़ताल शुरू करने से पहले भारतीय किसान यूनियन ने पंचायत की और 21 अप्रैल और 11 मई को दिए गए ज्ञापनों पर कार्रवाई न होने पर रोष जताया। यह भी चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई न हुई तो भाकियू जल्दी ही अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन शुरू करेगा।
किसान पंचायत की अध्यक्षता भाकियू के जिलाध्यक्ष बाबा सर्वजीत सिंह ने की। उन्होंने मांग की कि निशुल्क बोरिंग योजना में हो रही घपलेबाजी की जांच कराई जाए। बिजली व्यवस्था में सुधार किया जाए। चकबंदी प्रक्रिया में हो रही अनियमितताओं को दूर किया जाए। निजी क्षेत्र के स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाई जाए। गोला-लखीमपुर मार्ग में धौरहरा खुर्द गांव के पास से मूड़ा बुजुर्ग संपर्क मार्ग निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं की जांच कराई जाए। गर्मी के मौसम में मच्छरों और मच्छरजनित बीमारियों से निजात दिलाने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अविलंब फागिंग की व्यवस्था की जाए।
भूख हड़ताल पर बैठने वाले लोगों में जोखे, प्रताप सिंह, राम किशोर, सुरेश चंद्र, इदरीश अली, रामरतन, वेदनाथ, राज किशोर, शिवाधार, संतोष कुमार, बैजू, रमेश, श्रीकृष्ण, वीरेंद्र, रामदुलारी, अर्चना देवी, जनार्दन, आदेश कुमार केशवराम, कन्हैया लाल, बनारसी, राम कृपाल, राम गोपाल, प्रमोद कुमार, अवध बिहारी, बृज किशोर, राम बहादुर, बलभद्र सुर्ज प्रकाश, सुनील कुमार और रमेश चंद्र तिवारी शामिल रहे।