बांकेगंज। कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष द्वितीया पर भाई-दूज का पर्व रविवार को मनाया जाएगा। इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है।
छोटी काशी गोला के ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव मिश्र शास्त्री के मुताबिक, भाई दूज की सही तिथि को लेकर लोगों में असमंजस की स्थिति है। इस साल भाई दूज तीन नवंबर रविवार को ही मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास की शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरुआत दो नवंबर की रात 07:02 बजे से हो जाएगी और तीन नवंबर की रात 08.26 बजे तक रहेगी।
सर्वत्र भात्र द्वितीया, चित्र गुप्त पूजा रविवार को अनुराधा नक्षत्र के साथ सौभाग्य योग से मनाना शास्त्र संगत है। इस दिन भाई को टीका करने का शुभ मुहूर्त सुबह से शाम 07:31 बजे तक रहेगा।
भाई दूज का यह है महत्व
हिंदू धर्म में भाई दूज के पर्व को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि यह पर्व भाइयों और बहनों के बीच प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने-अपने भाई के माथे पर हल्दी और रोली का तिलक लगाती हैं। मान्यता है कि यदि भाई-बहन यमुना नदी के किनारे बैठकर भोजन करते हैं तो जीवन में समृद्धि आती है।
पौराणिक मान्यता यह भी है कि इस दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर भोजन करने गए थे। ऐसे में भाइयों को अपनी बहन की ससुराल जाना चाहिए। वहीं कुंवारी बेटियां घर पर ही भाई का तिलक करें। भाई दूज के दिन सबसे पहले भगवान श्रीगणेश का ध्यान करते हुए पूजा अवश्य करनी चाहिए। भाई दूज के दिन भाई को तिलक लगाने का सबसे अधिक महत्व होता है। इस दिन बहनें रोली और अक्षत से भाई का टीका कर उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं।
भाई दूज पर सुबह आठ बजे से शुरू हो जाएगी मिलाई
- कारागार प्रशासन ने किए विशेष इंतजाम, आधार कार्ड दिखाकर मिलेगा प्रवेश
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। जिला कारागार में भाई दूज पर बंदियों से उनकी बहनों की मिलाई कराने के लिए जेल प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। टीका करने और मिलाई के लिए आने वाली बहनों को सुबह आठ बजे से ही प्रवेश दिया जाना शुरू कर दिया जाएगा। महज आधार कार्ड से ही प्रवेश दिया जाएगा। किसी भी बहन को बिना मिलाई किए वापस नहीं लौटना पड़ेगा।
हर साल की तरह इस बार भी भाईदूज पर जेल में निरुद्ध बंदियों और कैदियों से उनकी बहनों की मिलाई को लेकर इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं। कारागार की सुरक्षा और बहनों के बैठने, पेयजल की भी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। जेलर हरवंश पांडेय ने बताया कि मिलाई सुबह आठ बजे से शुरू कर दी जाएगी। जेल में 789 बंदी निरुद्ध हैं।
मिलाई करने आने वाली बहनों के लिए परिसर में बैठने के पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। वहीं पेयजल आदि की भी सुविधाएं की गई हैं। वहीं हर महीने के पहले रविवार को बंदियों के लिए विशेष भोजन बनवाया जाता है। इस बार भी सभी को पूड़ी सब्जी और हलवा परोसा जाएगा। बहनों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो इसको लेकर कारागार कर्मचारी भी सहयोग करेंगे।