बांकेगंज। दुधवा जंगल से निकलकर बफरजोन पलिया रेंज में आबादी के आसपास गन्ने के खेतों में पहुंची हमलावर बरौंछा की बाघिन के कदम 19 दिन बाद जंगल वापसी की ओर फिर बढ़े हैं। वन विभाग का दावा है कि बुधवार को उसकी लोकेशन निबुआ बोझ गांव और मरौचा वन ब्लॉक के पास मिली है। यहां से जंगल की दूरी मात्र ढाई किलोमीटर है।
गोला रेंज के देबीपुर गांव के पास पकड़ी गई हमलावर बरौंछा की बाघिन को 29 अगस्त को डीटीआर की सठियाना रेंज में स्वछंद विचरण के लिए छोड़ी गई थी। गन्ने के खेतों में रहने की आदत के चलते शुगरकेन बाघिन जंगल के अंदर 10 दिन रही। वहां की आबोहवा उसे रास नहीं आई। इस पर 7 सितंबर को वह 10 किलोमीटर की दूरी तय कर बफरजोन पलिया रेंज के बाहरी किनारे पर बसी आबादी के आसपास गन्ने के खेतों में पहुंची और डेरा डाल दिया। इस बीच तीन पालतू पशुओं को निवाला बनाया।
आबादी के आसपास हमलावर बरौंछा की बाघिन के पहुंचने की सूचना पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। दुधवा पार्क के उपनिदेशक जगदीश आर ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वन कर्मियों की टीमें गठित कर निगरानी शुरू कराई। इस बीच बाघिन 20 किलोमीटर के दायरे में गन्ने के खेतों में लगातार भ्रमण करती रही। उसे पकड़ने के लिए किए गए सभी प्रयास असफल रहे।
बुधवार को निगरानी टीमों को सेटेलाइट के जरिये उसकी लोकेशन और पगमार्क निबुआबोझ से मरौचा वन ब्लॉक की ओर मिले तो उनकी बांछें खिल गईं। वन विभाग का अनुमान है कि धीरे-धीरे बाघिन फिर जंगल में वापस जा सकती है।