सफेद हाथी साबित हो रहे ओवरहेड टैंक
कहीं मोटर खराब, तो कहीं पाइप लाइन में लीकेज
कहीं बिजली न मिलने से परेशान हो रहे लोग
ब्लाक बांकेगंज की पंचायतों में पीने के पानी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। यहां पर सार्वजनिक स्थानों और गांवों में लगे 300 से अधिक हैंडपंप खराब पड़े है। जल निगम के पंप हाउस में लो वोल्टेज और मोटर फुंकने की समस्या के चलते जल निगम की पानी सप्लाई महीनों से ठप पड़ी है।
राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना के तहत गांवों में आर्सेनिक मुक्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए ब्लाक बांकेगंज की सात ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक बनाए गए थे। ये ओवरहेड टैंक बनने के बाद भी ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। उचित रख रखाव न होने की वजह से कहीं मोटर खराब पड़ी हैं तो कहीं पाइप लाइन फट गईं हैं। उनकी मरम्मत नहीं हो पा रही है। आलम यह है कि ब्लाक क्षेत्र में लगे 3195 इंडिया मार्का हैंडपंपों में अधिकतर खराब हैं। इनमें 265 हैंडपंप रिबोर कराए जाने हैं। इन हैंडपंपों को रिबोर कराने में ही इतना समय लग जाएगा कि पूरी गर्मी ही गुजर जाएगी।
बांकेगंज ब्लाक क्षेत्र की 50 पंचायतों में सात ग्राम पंचायतों क्रमश: ग्रंट नंबर 10, 11, कुकरा, सुआबोझ, वजीरनगर, संसारपुर और डाटपुर ग्रंट 18 में जल निगम ने ओवरहेड टैंक बनाए है। इनमें से ग्रंट नं 10 और 11 के ग्रामीणों को पिछले एक साल से शुद्ध पेयजल मिलने के लाले पडे़ हुए है। इन दोनों पंचायतों के मजरों क्रमश: तिलकपुर और बाबूपुर के पंप हाउस में लगे ट्यूबवेल के मोटर सालों से फुंके पड़े है। जिसके चलते पानी सप्लाई के लिए इन पंप हाउसों पर निर्भर मजरों की वाटर सप्लाई ठप पड़ी है। दो गर्मियां गुजरने के बाद भी पंप हाउसों के फुंके पड़े मोटर ठीक नहीं हो पाए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि शिकायत के बावजूद जिम्मेदार इस और कोई ध्यान नहीं दे रहे। जिसके चलते ग्रामीण घरों में लगे हैंडपंपों का दूषित पानी पी रहे हैं। ब्लाक की पंचायतों के गांवों, सार्वजनिक स्थलों और परिषदीय स्कूलों में लगे अधिकतर हैंडपंप रखरखाव और रिबोर के अभाव में खराब हैं। जिसके चलते भीषण गर्मियों में स्कूली बच्चों, राहगीरों और ग्रामीणों को लंबी दूरी तय कर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। इसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से ग्रंट नंबर 10 और 11 के 75 फीसदी मजरों में ठप पड़ी वाटर सप्लाई चालू करवाने की मांग की है।
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पंपहाउसों और हैंडपंपों के रखरखाव का जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों पर
जल निगम के जेई अमरकांत अवस्थी का कहना है ब्लाक बांकेगंज की ग्राम पंचायतों ग्रंट नंबर 10 और 11 में बनाए गए ओवरहेड टैंक संबधित ग्राम प्रधानों को हैंडओवर कर दिए गए है। जल निगम के जिम्मे वितरण प्रणाली है। जिसमें आई खराबी ठीक कराई जा रही है। पंप हाउसों और गांवों में खराब पडे हैंडपंपों से संबधित समस्त रखरखाव और देखभाल की जिम्मेदारी संबधित ग्राम प्रधानों की है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अन्य संबधित पंचायतों क्रमश: कुकरा, सुआबोझ, और वजीर नगर की पेयजल योजना ग्राम प्रधानों को हैंडओवर नहीं की गई है। वहां पेयजल व्यवस्था सुचार रूप से चल रही है। साथ ही संसारपुर और डाटपुर ग्रंट में कार्य तेजी से जारी है।
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ग्राम निधि का खाता नहीं खुलने से खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंप ठीक नहीं हो पाए हैं। खाता खुलते ही पंचायत में खराब पड़े नलों को ठीक कराया जाएगा।
-वीरेंद्र कुमार भार्गव, प्रधान ग्रंट नंबर दस
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ग्रंट नंबर 10 में पानी संकट गहराया
बांकेगंज। लो वोल्टेज की समस्या के चलते ब्लाक मुख्यालय की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 में जल निगम के पंपहाउसों पर लगे मोटर नहीं चल पा रहे हैं। पंपहाउसों पर लगे मोटरों के न चलने पर बांकेगंज मार्केट सहित मजरों में पिछले महीने भर से पानी सप्लाई ठप पड़ी है। भीषण गर्मियों में सार्वजनिक स्थलों और गांवों में ठप पड़ी पानी सप्लाई से लोगों को प्यास लगने पर इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
भीषण गर्मियों में पिछले एक माह से पानी संकट से जूझ रहे ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 के ग्रामीणों जगदीश प्रसाद, मिट्ठू लाल, आशीष कुमार, पिंटू, प्रमोद कुमार, किशोरी लाल, राम सिंह आदि ने बीडीओ के मार्फत डीएम को एक ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने लिखा है कि लोगों को आर्सेनिक जल से निजात दिलाने को जल निगम की ओर से सार्वजनिक स्थलों और गांवों में लगाए स्टैंड पोस्टों में वाटर सप्लाई ठप पड़ी है। आरोप है कि संबधित शिकायत लेकर जाने पर ऑपरेटर लो वोल्टेज समस्या की बात कहकर पंपहाउसों पर लगी मोटर के लोड न उठाने की बात कहकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते है। बीडीओ को दिए ज्ञापन में ग्रामीणों ने डीएम से ग्रंट नंबर 10 में बंद पड़ी वाटर सप्लाई चालू करवाने और लो वोल्टेज समस्या से निजात दिलाने को पंप हाउसों पर वोल्टेज बढ़ाने के लिए स्टेपलाइजर लगवाने की गुहार लगाई है।