बेलापरसुआ के बारात घर में खुली बैंक।संवाद
बेलरायां। बॉर्डर क्षेत्र की थारू जनजाति ग्राम पंचायत बेलापरसुआ का बरात घर पिछले 13 वर्षों से बैंक के कब्जे में है, जिससे ग्रामीणों को शादी जैसे आयोजनों में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। अब लोगों को बरात घर के बजाय पंडाल लगाकर या इधर-उधर भटककर रस्में पूरी करनी पड़ रही हैं।
ग्रामीण सर्वेश कुमार के अनुसार, वर्ष 2010 में बरात घर का निर्माण हुआ था, जिसमें हॉल, किचन, शौचालय और बरामदा जैसी सुविधाएं थीं। इससे शादी, मुंडन और अन्य कार्यक्रम आसानी से हो पाते थे। आरोप है कि 2013 में तत्कालीन प्रधान ने इसे किराये पर बैंक को दे दिया, जिससे ग्रामीणों की सुविधाएं खत्म हो गईं। बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं हुआ है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
ग्राम प्रधान लक्ष्मी देवी ने कहा कि किराये की धनराशि की जानकारी नहीं है, इसकी जांच कराई जाएगी। बैंक प्रबंधक अमित कुमार सिंह ने बताया कि तीन हजार रुपये प्रतिमाह ग्राम निधि खाते में जमा किए जाते हैं। सीडीओ अभिषेक कुमार सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।