किसानों का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान करने के लिए निजी क्षेत्र की चीनी मिलों ने भारत सरकार के पास साफ्ट लोन के लिए आवेदन किया था, जिसमें बलरामपुर ग्रुप की दो मिलों को साफ्ट लोन मिल गया है। दोनों मिलों ने इस धनराशि से किसानों को भुगतान किया है। वहीं राज्य सरकार की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि के मामले में गोला मिल को दो-दिन में धनराशि मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। जबकि अन्य आठ मिलों ने प्राप्त सहायता राशि से किसानों को भुगतान कर दिया है।
जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि निजी क्षेत्र की सात चीनी मिलों ने भारत सरकार के पास साफ्ट लोन के लिए आवेदन किया था, जिसमें कुंभी मिल को 21.80 करोड़ और गुलरिया मिल को 17.28 करोड़ रुपये लोन प्राप्त हुआ है। दोनों मिलों ने इस धनराशि से किसानों को बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। अब भी सभी नौ चीनी मिलों पर चार अरब 39 करोड़ 53 लाख 67 हजार रुपये बकाया शेष है। जिला गन्ना अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार की ओर दी जाने वाली सहायता राशि आठ मिलों को प्राप्त हो चुकी है। सिर्फ गोला मिल को 28.60 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धनराशि मिलना शेष है, जिसके प्राप्त होने पर किसानों को भुगतान किया जाएगा।
15 से 20 नवंबर तक मिलें चलाने का प्रस्ताव
पेराई सत्र 2015-16 को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। हाल ही मेें गन्ना आयुक्त ने सुरक्षण बैैठकों के दौरान पेराई सत्र प्रारंभ करने की बावत मिल अधिकारियों से बातचीत कर समय सीमा निर्धारित कर दी है। जिला गन्ना अधिकारी जगदीश चंद्र यादव ने बताया कि खीरी की मिलों में पेराई प्रारंभ करने के लिए 15 से 20 नवंबर 2015 तक समय सीमा निर्धारित की गई है, जिसके मुताबिक मिलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।