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बजाज की तीन मिलों ने नहीं किया गन्ना मूल्य का भुगतान

Sun, 27 Nov 2016 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
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suger mill - फोटो : amar ujala
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गन्ना एक्ट के मुताबिक 14 दिन में किसानों को भुगतान करना जरूरी
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सिर्फ अजवापुर, गुलरिया और कुंभी मिलों ने किसानों के खातों में भेजा पैसा
धान की खरीद पहले से ही बंद, किसानों को कैसे मिलेगा पैसा
किसानों को रुलाने के पुराने ट्रैक पर गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलें
जिले की नौ में से सिर्फ तीन मिलों ने ही अब तक गन्ना एक्ट के नियमों के मुताबिक गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। जबकि बजाज ग्रुप की गोला, पलिया और खंभारखेड़ा मिलों ने अभी भुगतान नहीं किया है। इससे नोटबंदी के असर से त्रस्त किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है, क्योंकि मंडियों में भी धान की खरीद कई दिनों से बंद है। सबसे पहले पेराई शुरू करने वाली बजाज ग्रुप की मिलों ने गन्ना एक्ट को दरकिनार करने की प्रवृत्ति अभी छोड़ी नहीं है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं अफसरों के लिए भी समय पर गन्ना मूल्य का भुगतान कराना चुनौतीपूर्ण रहेगा। 
बता दें कि नौ मिलों ने 26 नवंबर तक किसानों से दो अरब 99 करोड़ 16 लाख 76 हजार रुपये का गन्ना खरीद लिया है। बजाज ग्रुप की गोला, पलिया, खंभारखेड़ा मिलों ने सात नवंबर से पेराई शुरू की थी, जिसके बाद 10 नवंबर को अजवापुर, 11 नवंबर को गुलरिया एवं कुंभी, 12 नवंबर से ऐरा, संपूर्णानगर ने 21 और बेलरायां ने 25 नवंबर से गन्ने की पेराई शुरू की थी। गन्ना एक्ट के मुताबिक गन्ने की खरीद से 14 दिन के अंदर किसानों को पूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाना है। इस लिहाज से बजाज ग्रुप की गोला मिल पर 15 करोड़ नौ लाख 99 हजार, पलिया पर नौ करोड़ 87 लाख 37 हजार और खंभारखेड़ा पर 11 करोड़ 26 लाख 27 हजार रुपये यानी कुल 36 करोड़ 14 लाख 63 हजार रुपये भुगतान ड्यू हो चुका है। एक्ट के मुताबिक इन मिलों पर ब्याज की देनदारी बन गई है, जिसका आकलन गन्ना विभाग कर रहा है। 
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सिर्फ तीन मिलों ने किया भुगतान
गन्ना एक्ट के मुताबिक अब तक अजवापुर, कुंभी और गुलरिया मिल ने ही 55 करोड़ 36 लाख 66 हजार रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खातों में भेजा है। 

66 हजार क्विंटल प्रतिदिन चीनी उत्पादन
बेलरायां को छोड़कर आठ मिलें औसतन प्रतिदिन 66041 क्विंटल चीनी का उत्पादन कर रहीं है। अब तक कुल आठ लाख 20 हजार 229 क्विंटल चीनी का उत्पादन हो चुका है। 

नोटबंदी के बीच गन्ना मूल्य का भुगतान मिलने की उम्मीद में किसानों को दोहरा झटका लगा है। बताते चलें कि इस वर्ष किसानों का धान नहीं बिक पा रहा है, जिससे नकदी मिलने की उम्मीद धूमिल हो चुकी है। क्योंकि मंडियों में आढ़तियों ने कई दिनों से धान की खरीद बंद कर रखी हैं। क्रय केंद्रों पर भी धान नहीं खरीदा जा रहा है। इस लिहाज से चीनी मिलों पर निर्भर किसानों को बजाज ग्रुप ने झटका दे दिया है।
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गन्ना मूल्य भुगतान एक्ट के मुताबिक करने के लिए सभी मिल के अध्यासियों को शासन के निर्देश भेजे जा चुके हैं। बजाज ग्रुप की मिलों ने अभी भुगतान नहीं किया है, जिनके अध्यासियों को शीघ्र भुगतान करने के निर्देश गए हैं। 
-जगदीश चंद्र यादव, जिला गन्ना अधिकारी
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