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तिकुनिया कांड- चार आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज

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लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में जिला जज मुकेश मिश्र ने बुधवार को चार और आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए उनकी जमानत खारिज करदी। बुधवार को वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह गौर ने तिकुनिया हत्याकांड मामले में अभियुक्त शेखर भारती, सत्य प्रकाश उर्फ सत्यम त्रिपाठी, लतीफ उर्फ काले और नंदन सिंह बिष्ट की ओर से जमानत अर्जी पर बहस करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू की जमानत हाईकोर्ट द्वारा मंजूर की जा चुकी है जो कि नामजद और मुख्य आरोपी था।
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आरोपियों की ओर से यह दलील दी गई थी कि उनसे घटना से कोई मतलब नहीं है। किसान आंदोलन होने न होने से उनका कोई लेना देना नहीं है, जबकि जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि सह आरोपियों की जमानत पहले से खारिज हो चुकी है। ऐसे में जमानत आवेदकों का केस खारिज हो चुके अभियुक्तों के समान है। अदालत में सुनवाई के बाद जिला जज मुकेश मिश्र ने चारों आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है
18 फरवरी की सुनवाई पर मुख्य फोकस
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा मामले में बचाव पक्ष के वकीलों ने 18 फरवरी को होने वाली सुनवाई को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। यह पहली बार होगा जब दोनों क्रॉस केस की सुनवाई एक ही अदालत में लगेंगे। किसान पक्ष के आंदोलनकारियों के खिलाफ तीन आरोपियों की पीट-पीट कर हत्या करने का मामला है तो आशीष मिश्र मोनू सहित 14 आरोपियों के खिलाफ कुचल कर हत्या करने का आरोप है।
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हालांकि दोनों फाइलों में अदालत में चार्ज पर सुनवाई नहीं की है, लेकिन कोविड-19 हटने के बाद अदालती कार्यवाही पूरे सुचारुरूप से चलने के कारण 18 फरवरी की सुनवाई बेहद अहम मानी जा रही है। इसे लेकर क्रास केस के अधिवक्ता हरजीत सिंह, सुरेंद्र कुमार और यदुवेंद्र वर्मा पम्मू ने तैयारी शुरू कर दी है। वहीं, तिकुनिया हिंसा मामले में बचाव पक्ष की ओर से अवधेश दुबे, अवधेश सिंह, शैलेंद्र सिंह, चंद्र मोहन सिंह, राम आशीष मिश्र ने भी अपने अपने बिंदुओं को लेकर तैयारी शुरू कर दी है। संवाद
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