पलिया के बौधिया गांव में शरदकालीन गन्ना बुवाई का शुभारंभ फीता काटकर करते मिल अधिकारी व किसान।
पलियाकलां। क्षेत्र के बौधिया कलां गांव में किसान अंकुर सिंह के खेत में गन्ना प्रजातियों को लगाकर मिल के अधिकारियों की मौजूदगी में शरदकालीन गन्ना बोआई का शुभारंभ किया गया। गन्ने की बोआई चीनी मिल के महाप्रबंधक गन्ना राजीव तोमर ने एक-एक आंख के टुकड़ों को ट्रंच विधि से तैयार कर खेत में डालकर शुरू कराई। इसके बाद किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें महाप्रबंधक गन्ना ने बताया कि सर्वे सट्टा सुधार के लिए गन्ना समिति में 30 सितंबर तक मेले चलाया जा रहा है और जिन किसानों के सर्वे सट्टे में त्रुटि है वह सुधार करा सकते हैं। शरदकालीन गन्ना बुआई से होने वाले लाभ की जानकारी भी किसानों को दी गई। कहा गया कि इसके साथ सहफसल खेती के रूप में आलू, मटर, मूली, लहसुन आदि की बुआई कर किसान दोहरा लाभ कमा सकते हैं। गन्ने की उन्नत प्रजातियों के बारे में भी बताया। यहां चीनी मिल के वरिष्ठ प्रबंधक गन्ना परवीन सिंह, उप प्रबंधक गन्ना अशोक मौर्य, नवनीत अस्थाना, रामकिशोर, हरद्वारी, अनिल कुमार समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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मिल अधिकारियों ने किसानों को दिए सुझाव
निघासन। क्षेत्र में शरदकालीन गन्ने की बुवाई की शुरुआत हो गई है। बौधियाकला गांव के प्रगतिशील किसान अंकुर सिंह ने सितंबर माह में गन्ने की बुवाई कर इस सीजन का आगाज किया। उनका कहना है कि इस समय बोई गई गन्ने की फसल से बेहतर उत्पादन मिलता है।
बोआई के मौके पर पहुंचे पलिया बजाज चीनी मिल के उप गन्ना प्रबंधक अशोक कुमार मौर्य ने किसानों को गन्ने की बुवाई के दौरान सावधानियां बरतने और वैज्ञानिक विधियों से खेती करने की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को खेत की गहरी जुताई कर सही तैयारी करने, संतुलित मात्रा में रासायनिक व जैविक उर्वरकों का प्रयोग करने की सलाह दी। इस मौके पर राजीव तोमर यादवेंद्र प्रताप सिंह समेत किसान अंकुर सिंह, निहाल सिंह, अमर सिंह, परमवीर सिंह, राम सिंह, विक्रांत सिंह और मिल का स्टाफ मौजूद रहा।