डिग्री कक्षाओं में उपस्थिति कम रहने पर विद्यार्थियों को परीक्षा से वंचित किया जा सकता है। अब अशासकीय और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति मासिक रूप से उच्च शिक्षा निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी।
ऐसा उच्च न्यायालय के इलाहाबाद में एक विचाराधीन रिट याचिका में जारी एक आदेश के अनुपालन में किया जा रहा है। युवराजदत्त महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरके सिंह ने संस्थागत छात्रों से कहा है कि वे महाविद्यालय में चल रहे शिक्षण कार्य दिवसों में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करें। उपस्थिति में कमी होने पर विद्यार्थी को परीक्षा से वंचित भी किया जा सकता है। प्राचार्य ने यह भी अवगत कराया है कि स्नातक प्रथम वर्ष, द्वितीय वर्ष और स्नातक प्रथम वर्ष के जिन विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम किन्हीं कारणों वश बाद में घोषित किए गए हैं और वे स्नातक द्वितीय वर्ष में अब तक महाविद्यालय में प्रवेश नहीं ले पाए हैं वे 16 अक्तूबर तक महाविद्यालय में अपना प्रवेश अवश्य ले लें। इसके बाद कोई भी प्रवेश संभव नहीं होगा।