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लखीमपुर कांड: आशीष मिश्र ने पेश की जमानत अर्जी, 28 अक्तूबर को होगी सुनवाई

Thu, 21 Oct 2021 09:54 PM IST
सुशील कुमार कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी

सार

जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से जमानत अर्जी पेश करने की जानकारी उन्हें मिली है, जमातन अर्जी का सघन अध्ययन करते हुए प्रत्येक पहलू को अदालत में रखा जाएगा।
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आशीष मिश्र पहुंचा क्राइम ब्रांच के दफ्तर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड में सीजेएम अदालत से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद गुरुवार को मुख्य आरोपी के रूप में नामजद आशीष मिश्र मोनू ने जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र अपने वकील के जरिए पेश किया। जमानत अर्जी में खुद को निर्दोष बताते हुए आशीष मिश्र मोनू ने बताया कि उसे झूठा फंसाया गया है। जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 28 अक्तूबर की तिथि मुकर्रर की है।

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नौ अक्तूबर को पूछताछ के लिए तलबी के बाद से हिरासत में चल रहे आशीष मिश्र मोनू की ओर से जिला जज मुकेश मिश्र की अदालत में पहली बार जमानत अर्जी दाखिल की गई। इससे पहले सीजेएम चिंताराम की अदालत में जमानत अर्जी पेश करते हुए केंद्रीय ग्रह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र मोनू ने खुद को निर्दोष बताते हुए दौरान मुकदमा सुनवाई जमानत पर छोड़े जाने की बात कही थी। लेकिन सीजेएम अदालत ने अपने फैसले में इसे गंभीर मामला बताते हुए इस सत्र परीक्षणीय मामले में जमानत देने से इंकार कर दिया था।

इसके बाद से कई दिनों बाद गुरुवार को आशीष मिश्र मोनू की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवधेश दुबे, अवधेश सिंह और रामाशीष मिश्र ने जमानत अर्जी पेश करते हुए बताया कि निराधार तरीके से आशीष मिश्र की गिरफ्तारी की गई है। बिना किसी सबूत के वह लंबे अर्से से जिला जेल में निरूद्ध है, जिला जज मुकेश मिश्र ने जमानत अर्जी को दर्ज रजिस्टर करते हुए सुनवाई के लिए 28 अक्तूबर की तिथि मुकर्रर की है और सबंधित अदालत से इस केस से जुडे रिमांड पेपर्स आदि भिजवाने को कहा है।
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डीजीसी ने तलब किया क्रिमनल हिस्ट्री और केस से जुडे प्रपत्र
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि तिकुनिया कांड में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू की ओर से जमानत अर्जी पेश करने की जानकारी उन्हें मिली है, जमातन अर्जी का सघन अध्ययन करते हुए प्रत्येक पहलू को अदालत में रखा जाएगा, इसके लिए आरोपी की क्रिमनल हिस्ट्री व केस से जुडे प्रपत्र तलब किए गए है, तिकुनिया पैरोकार से विशेष गोपनीयता के साथ केस डायरी पेश करने को कहा है।

प्रकाशित खबरें भी बनेंगी जांच का हिस्सा
वहीं एसआईटी की ओर से तिकुनिया कांड से जुडे मामले में अपनी जांच का दायरा बढाने का फैसला लिया गया है, इसके चलते घटना के पहले और घटना के बाद तिकुनिया कांड से जुडी हर छोटी बडी खबरें जो घटना के पर्दाफाश करने में महत्वपूर्ण है, को भी जांच का हिस्सा बनाने की रणनीति अपनाई है।

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सभासद सहित चार हत्याभियुक्तों की पुलिस कस्टडी पूछताछ को मंजूरी 
लखीमपुर खीरी तिकुनिया कांड में अपने ही तरीके से घटना की तस्वीर बयान करने वाले सुमित जायसवाल को क्रास केस लिखवाना भारी पड गया है, एसआईटी ने उनके घटनास्थल पर मौजूदगी को वीडियो क्लिपिंग के सहारे थार गाड़ी से उतरने को साबित करने में जुटा है तो क्रॉस केस लिखाने के दौरान मौके पर उपस्थित रहने संबंधी उनके कथन को भी गंभीरता से लिया है। गुरुवार को जब बचाव पक्ष की ओर से सुमित जायसवाल और उसके साथियों की पुलिस कस्टडी रिमांड का विरोध किया गया तो अभियोजन की ओर से एसपीओ एसपी यादव ने सिलसिलेवार ढंग से बखिया उखाड़नी शुरू कर दी, सीजेएम चिंताराम ने कस्टडी रिमांड की अर्जी पर सुनवाई के बाद गुरुवार को कस्टडी रिमांड अर्जी सशर्त मंजूर कर ली, चारों आरोपियों को तीन दिन के लिए पुलिस कस्टडी में रखकर पूछतांछ की मंजूरी दी गई है।

फिर से कस्टडी रिमांड लेने को एसआईटी ने शुरू की तैयारी
बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से फटकार खाने के बाद यूपी सरकार ने तिकुनिया कांड को लेकर संजीदगी दिखानी शुरू कर दी है, इसके तहत पुलिस कस्टडी में लेकर पूछताछ किए जा चुके मुख्य आरोपी आशीष मिश्र मोनू, अंकित दास, काले उर्फ लतीफ और शेखर भारती से फिर से पूंछतांछ किए जाने को जरूरी बताया है, चारों आरोपियों को फिर से पुलिस कस्टडी में पूछताछ किए जाने की जरूरत बताई है, विवेचक विद्याराम दिवाकर ने चारों आरोपियों की पुलिस कस्टडी रिमांड अर्जी सीजेएम चिंताराम की अदालत में दाखिल किया है, जिस पर सुनवाई के लिए सीजेएम ने शुक्रवार को सुनवाई नियत की है।

पुलिस कस्टडी रिमांड पर सुनवाई आज
भले ही अभियोजन की ओर से तीन दिन के लिए चारों आरोपियों की फिर से पुलिस कस्टडी रिमांड पाने को एडी का जोर लगाया जा रहा है, वहीं बचाव पक्ष ने पुलिस कस्टडी रिमांड की अर्जी को लेकर सघन तैयारी शुरू कर दी है, सूत्र बताते हैं कि इसी तैयारी को देखते हुए दूसरी कस्टडी रिमांड अर्जी में हुई टाइपिंग एरर को भी अभियोजन ने गंभीरता से लेते हुए अर्जी नोट प्रेस्ड करते हुए नई कस्टडी रिमांड अर्जी दो घंटे के अंतराल में ही दाखिल कर दी है, बचाव पक्ष ने भी कानूनी प्रावधान तलाशते हुए इसका डटकर मुकाबला करने को तैयार है, गुरुवार को यही कारण है कि अभियुक्तों के अधिवक्ता को कस्टडी रिमांड अर्जी की नकल रिसीव कराने में सफलता न मिलते देख अभियोजन ने जेल पहुंचकर सीधे आरोपियों को ही कस्टडी रिमांड अर्जी की नकल रिसीव करा दी, जिसके चलते शुक्रवार को कस्टडी रिमांड को निर्णायक सुनवाई सीजेएम कोर्ट में तय है।
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