लखीमपुर खीरी। शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत होने वाले निशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया दिसंबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की उम्मीद है। विभाग तैयारी में जुट गया है। स्कूल की मैपिंग के अलावा अन्य जागरूकता अभियान विभाग की ओर से शुरू कर दिए गए हैं। इस बार ज्यादा से ज्यादा बच्चों को आरटीई के तहत प्रवेश मिले, इसको लेकर विभाग ने कवायद शुरू कर दी है।
बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि इस योजना के तहत बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान की जाती है। इस बार भी यह प्रक्रिया दिसंबर महीने से शुरू होगी। हालांकि अभी तक शेड्यूल नहीं आया है, लेकिन पहली तारीख से प्रवेश के लिए आवेदन स्वीकार किए जाने लगेंगे। बताया कि पिछले बार की तरह इस बार भी साल बार में आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। पिछले साल 833 स्कूल पोर्टल पर पंजीकृत थे, इस बार स्कूलों की संख्या में इजाफा हुआ है। अभी तक 848 स्कूलों की मैपिंग की गई है। आरटीई के तहत पूरे जिले में करीब पांच हजार सीटों पर प्रवेश लिया जाता है। इधर आवेदन को लेकर विभागीय प्रक्रिया तेज कर दी गई है ताकि समय पर बच्चों के आवेदन का सत्यापन करते हुए उन्हें प्रवेश दिलाया जा सके।
साढ़े तीन साल उम्र पूरी करने वाले बच्चों को मिलेगा लाभ
शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत साढ़े तीन साल उम्र पूरी करने वाले बच्चों के अभिभावक इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। 2 अप्रैल 2026 को साढ़े तीन साल की उम्र वाले बच्चों के अभिभावक ही योजना के पात्र होंगे। इस योजना में पात्र होने वाले अभिभावकों के खाते में धनराशि भी भेजी जाती है इससे वह बच्चे का कोर्स, ड्रेस आदि की खरीदारी करते हैं।
बनी रहे पारदर्शिता... ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया
चार चरणों में होने वाले प्रवेश प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे इसको लेकर आरटीई पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। पोर्टल पर आवेदन का स्टेट्स आदि भी चेक करते हुए चयन होने पर वहीं से छायाप्रति भी निकाली जा सकेगी। बीएसए ने कहा कि कई बार अभिभावक बाहरी लोगों के बहकावे में आ जाता है और प्रवेश के लिए रुपये भी देता है।यह प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क है कहीं कोई भी शुल्क लेता है तो यह गलत है। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।