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गुस्साए शिक्षामित्रों ने सड़क पर लगाया जाम 

Fri, 28 Jul 2017 10:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो       लखीमपुर खीरी।
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भूख हड़ताल - फोटो : अमर उजाला
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दूसरे दिन भी भूख हड़ताल कर दिया धरना, राज्य सरकार से रोजी-रोटी का प्रबंध करने की मांग      
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प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी शिक्षामित्रों को दिया समर्थन       
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों का समायोजन रद्द किए जाने से नाराज शिक्षामित्रों ने दूसरे दिन भी भूख हड़ताल कर बीएसए कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया है। संगठन पदाधिकारियों ने रोजी-रोटी का प्रबंध करने की मांग प्रदेश सरकार से की है। वहीं प्रदेश और केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए शिक्षामित्रों ने 2019 के चुनाव का हवाला देते हुए कहा है कि यदि समायोजित शिक्षामित्रों को उचित न्याय नहीं मिला, तो व्यापक स्तर पर विरोध किया जाएगा। शिक्षामित्रों के दोनों संगठनों ने एक मंच से आवाज बुलंद की, तो प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी समर्थन देने का एलान किया है। इस दौरान कुछ आक्रोशित शिक्षामित्रों ने कार्यालय के सामने रोड जाम किया, तो संगठन पदाधिकारियों और पुलिस ने मिलकर जाम खुलवा दिया और शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन का निर्णय लिया।       
आदर्श वेलफेयर एसोसिएशन और प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के आह्वान पर गुरुवार को जिले भर से शिक्षामित्र बीएसए कार्यालय परिसर में एकत्र हुए। जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा ने कहा कि अभी शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू होगा, जिसकी गूंज प्रदेश सरकार के कानों तक जरूर पहुंचेगी। संगठन ने प्रदेश सरकार से शीघ्र ही नीतिगत निर्णय लेकर शिक्षामित्रों और उनके परिवारों की रोजी-रोटी का प्रबंध करने की मांग उठाई। शिक्षामित्रों ने कहा है कि सरकारें और न्याय पालिका लोगों को रोजी-रोटी देने का कार्य करती है, न कि छीनने का। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर रोष जताते हुए मुंह से निवाला छीनने का कार्य बताया गया। संगठन ने मंच से एलान किया कि भूख हड़ताल शुक्रवार से आमरण अनशन में बदल जाएगी, जो सरकार से आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा। भूख हड़ताल की अध्यक्षता प्राथमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त शिक्षक नरेश चंद्र शुक्ला ने की। इस दौरान राकेश सिंह, राजेश कुमार, विकास सिंह, राजकुमार गोस्वामी, चंद्रेश वर्मा, पारस वर्मा, मैकूलाल, हरीश वाजपेयी, कमलेश शंखवार, सर्वेश वर्मा ने भी संबोधित किया। धरने में प्राथमिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी, मनोज मिश्रा, सत्येंद्र तिवारी, पवन शर्मा, सत्येंद्र सिंह, आशुतोष पांडेय, आशा सिंह, माधुरी, राजीव वर्मा मौजूद रहे।       
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आक्रोशित शिक्षामित्रों ने किया रोड जाम      
प्रदर्शन के दौरान कुछ आक्रोशित शिक्षामित्रों ने कार्यालय के बाहर पहुंचकर राजापुर मंडी मार्ग जाम कर दिया और नारेबाजी की। इससे पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आ गई, तो आंदोलन कर रहे संगठन पदाधिकारियों ने भी रोड जामकर प्रदर्शन का विरोध किया। धरना स्थल से अपील कर शिक्षामित्रों को स्थल पर बुलाकर जाम खुलवाया गया। हालांकि इससे करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित हुआ, जिससे रोडवेज की बसें जाम में काफी देर फंसी रहीं।       
प्राथमिक शिक्षक संघ ने दिया समर्थन      
शिक्षामित्रों के प्रदर्शन और उनकी मांगों को समर्थन देते हुए उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ ने संघर्ष में साथ देने की बात कही है। इसके लिए जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी सहित कई पदाधिकारियों ने मंच साझा कर संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ी तो विद्यालयों में तालाबंदी कर प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसके लिए प्रदेश नेतृत्व का निर्णय आने पर आगे की रणनीति का खुलासा करने की बात कही है।      
 
...और एक शिक्षामित्र ने की खुदकुशी की कोशिश      
बीएसए कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन के बीच बांकेगंज के शिक्षामित्र पंकज कनौजिया नीम के पेड़ पर चढ़ गया। फिर गले में पड़े गमछे से फांसी लगाने का प्रयास किया। यह देखकर आसपास मौजूद शिक्षामित्रों ने उसे समझाकर पेड़ से नीचे उतारा। साथियों ने उसके कदम को कायरता बताते हुए कड़ी आलोचना की। तो उसने रूंधे गले से बताया कि लखीमपुर आते समय उसकी बेटी ने कहा था कि अब मेरे लिए चाकलेट मत लाना, मैं जिद नहीं करूंगी।       
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अवशेष देयकों के भुगतान की उठाई मांग      
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने समायोजित शिक्षक/ शिक्षामित्रों के अवशेष देयकों का भुगतान करने की मांग की, जिस पर वित्त एवं लेखाधिकारी दिलीप कुमार सिंह ने शीघ्र ही अवशेष देयकों का भुगतान करने का आश्वासन दिया है।       
 
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