पलियाकलां। दिसंबर में 18 दिन तक चले आंदोलन के बीच हुई सहमति होने के बाद भी मांगों पर गौर न किए जाने पर गुस्साए किसानों ने मंगलवार को पहले गन्ना समिति में बैठक की। इसके बाद चीनी मिल में जाकर तौल बंद करा दी। मिल गेट पर ही किसानों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। शाम को वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन खत्म हुआ।
मंगलवार को किसानों ने मिल पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आंदोलन की रणनीति बनाई। फिर किसान सीधे चीनी मिल यार्ड में पहुंच गए। यहां किसानों ने मिल की तौल बंद करा दी। साथ ही गेट पर ही धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों ने कहा कि 31 दिसंबर तक 85 करोड़ व 14 दिन में नए सत्र का भुगतान किए जाने का वादा झूठा साबित हुआ। सूचना पर एसडीएम डॉ. अमरेश कुमार, चैकी इंचार्ज राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन शाम तक किसानों का धरना जारी रहा। इधर, शाम को मिल प्रबंध तंत्र व किसानों के बीच हुई वार्ता में 15 जनवरी तक अवशेष भुगतान करने पर सहमति हो गई। इसके बाद मिल में तौल शुरू हो गई है और मिल भी चालू हो गई है।
मिल से बाहर जा रहे चीनी भरे ट्रकों को रोका
धरना प्रदर्शन के दौरान चीनी मिल से बाहर जा रहे चीनी भरे तीन ट्रकों को किसानों ने रोक लिया। किसानों ने कहा कि पुराना भुगतान नहीं हुआ है और नए सत्र के गन्ने से चीनी बनकर बेचने भी लगी है। किसान नेता जगपाल सिंह ने बताया कि सहमति के मुताबिक जब तक अधिकारी हमारे 60 करोड़ के भुगतान की बात नहीं मानते तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। किसान नेता ने कहा कि जब तक हमारा पुराना भुगतान नहीं हो जाता है तब तक हम मिल को नई चीनी बेचने नहीं देंगे।