गांधीनगर चपरतला में प्रदर्शन करते लोग।संवाद
मैगलगंज (लखीमपुर खीरी) क्षेत्र के गांधीनगर चपरतला गांव के ग्रामीणों को करीब 15 दिन पहले खराब बिजली लाइन सही कराने को विरोध-प्रदर्शन करना भारी पड़ा। इससे नाराज बिजली कर्मियों ने करीब 14 मई को 90 प्रतिशत कनेक्शन काट दिए। इसके बाद चार दिन पहले पूरे गांव की बिजली ही काट दी गई। अंडरग्राउंड बिजली केबल काटकर बाहर डाल दी और गांव में लगे लाेहे के दो खंभे भी उखाड़कर ले गए। इससे 300 की आबादी भीषण गर्मी का संकट झेल रही है।
मैगलगंज कस्बे से सटे गांधीनगर चपरतला में करीब 100 उपभोक्ता हैं। यहां औरंगाबाद उपकेंद्र से बिजली आपूर्ति की जाती है। इस गांव को आई बिजली लाइन में अक्सर खराब ही रहती है। ग्रामीणों ने 14 मई को गांव के अंदर जली हुई केबल बदलवाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। उनके प्रदर्शन से नाराज बिजली कर्मियों ने केबल सही करने की जगह दूसरे दिन (15 मई) गांव पहुंचकर 90 ग्रामीणों के कनेक्शन काट दिए।
इसके बाद विद्युत आपूर्ति बहाल नहीं की। केवल 10 कनेक्शन कॉमर्शियल के छोड़ दिए। चार दिन पहले विद्युत कर्मियों ने अंडर ग्राउंड लाइन ही काटकर अलग कर दी, जिससे पूरे गांव की बिजली बंद हो गई। बिजली संकट की वजह से ग्रामीण एक-एक बूंद पानी को तरस रहे हैं। बिजली नहीं आने से गांव के बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ रहे हैं।
यहां कई झाले हैं। 50 से ज्यादा व्यापारियों की दुकानें हैं। गांव के ग्रामीण बल्ला सिंह, मनप्रीत सिंह, शिवम और गोलू आदि लोगों ने बताया कि अभी तक विद्युत व्यवस्था बहाल नहीं की गई है।
एसडीओ ने किया बचाव, बोले-नाराजगी में नहीं काटी बिजली
मुबारकपुर विद्युत उपकेंद्र के एसडीओ कमलेश ने बिजली कर्मियों का बचाव करते हुए कहा है कि गांधीनगर चपरतला गांव की बिजली नाराजगी में नहीं काटी गई है। केबल बॉक्स में खराबी आ गई थी। केबल बाक्स सही कराने का काम चल रहा है। जल्द ही बिजली सप्लाई चालू करा देंगे। लाइन काटकर खंभे उखाड़कर ले जाने जैसा कोई मामला नहीं है।
गांधीनगर चपरतला में प्रदर्शन करते लोग।संवाद