लखीमपुर खीरी। लगातार आवाज उठाने के बाद भी समस्याओं का समाधान न होने पर शुक्रवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भड़क गईं। बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने विलोबी मैदान में एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम कार्यालय में सौंपा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका उत्पीड़न बढ़ता जा रहा है, जो अब बर्दाश्त नहीं करेंगे।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को छह हजार और सहायिका को तीन हजार रुपये बतौर वेतन मिलते हैं। दो महीनों से मानदेय भी नहीं मिला। चार साल पहले उनको मोबाइल दिए गए थे, जो खराब हो चुके है। रिचार्ज का पैसा भी नहीं मिलता है। कार्यकर्ताओं ने दस हजार रुपये वेतन, नया मोबाइल देने और रिचार्ज का पैसा देने की मांग की।
कार्यकर्ताओं ने कहा कि कार्यकर्ता और सहायिकाओं में ईसीसीई एजुकेटरों को रखे जाने की प्रक्रिया चल रही है, जो गलत है। मांग की- प्री-प्राइमरी स्कूल का प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ही रखा जाए। इस दौरान राखी पांडेय, नीशू सिंह, हरेंद्र सिंह, उमा पांडेय, गीता, रम्मा, सुषमा, विजय लक्ष्मी, राजरानी आदि आंगनबाड़ी मौजूद रहीं।
ग्रेच्युटी और वृद्धा पेंशन दें
कार्यकर्ताओं ने कहा कि 62 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकीं कार्यकर्ताओं की सेवा समाप्त कर दी जाती है। उनको न तो ग्रेच्युटी दी जाती है, न ही पेंशन। सेवा समाप्त होने के बाद वृद्ध अवस्था में पैसों का संकट रहता है। सेवा पूरी होने के बाद उन्हें ग्रेच्युटी और पेंशन का लाभ दिया जाए।
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मानदेय लगातार आ रहा है, जो सीधे शासन से खाते में जाता है। मोबाइल रिचार्ज का पैसा भी एक साल का एक साथ भेज दिया जाता है।
भारत प्रसाद, जिला कार्यक्रम अधिकारी