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Lakhimpur Kheri News: पानी के लिए तरस रहे अमृत सरोवर, धूल फांक रही जल संचयन योजना

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बरबर के गलरई गांव में सूखा पड़ा अमृत सरोवर। संवाद
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लखीमपुर खीरी। शासन की अमृत सरोवर योजना के तहत पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार के जरिए उन्हें जल संचयन के साथ रोजगारपरक बनाने की महत्वाकांक्षी योजना धूल फांक रही हैं। जिले में चार सौ से ज्यादा अमृत सरोवर हैं, जिनमें 20 प्रतिशत से अधिक बदहाली का शिकार हैं। इससे पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
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गांव में तालाबों की मनरेगा से खोदाई कराकर अमृत सरोवर के रूप में विकसित करने को लेकर शासन ने निर्देश जारी किए थे। इन सरोवर में चारों तरफ तार लगाकर, फूल और छायादार पौधे लगाए जाने के साथ ही यहां आए लोगों के बैठने के लिए सीमेंट की सीटें बनवाई गईं हैं। शुक्रवार को जिले के अमृत सरोवरों की पड़ताल कराई गई तो कहीं उनमें पानी नहीं था तो कहीं उनकी स्थिति खराब निकली। शासन की प्राथमिकताओं में शामिल यह योजना दम तोड़ रही है।

पानी की तलाश में भटक रहे पशु-पक्षी
अलीगंज। विकास क्षेत्र बांकेगंज की ग्राम पंचायत अलीगंज में बड़ी देवी के पास बने अमृत सरोवर तालाब में पानी नहीं है। पानी की तलाश में पशु-पक्षी भटक रहे हैं। जिन उद्देश्यों को लेकर गांव में अमृत सरोवर तालाबों का सौंदर्यीकरण कराया गया था, वह अधिकारियों व प्रधानों की अनदेखी का शिकार हो गए हैं।
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सरकार का उद्देश्य है कि इन अमृत सरोवर तालाबों को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाए। ताकि गांव के लोग खाली समय में तालाब के किनारे पेड़ की छांव में बैठ सकें। तालाबों के चारों तरफ सीमेंट की बेंच भी लगाई गईं हैं, कभी इन तालाबों में गांव सहित क्षेत्र के जानवर व पशु-पक्षी अपनी प्यास बुझाते थे, लेकिन पंचायत ने अमृत सरोवर तालाब में अब तक पानी नहीं भराया है। संवाद

सूखा पड़ा अमृत सरोवर, बेंच भी गायब
ममरी। ब्लॉक बांकेगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत ग्रांट नंबर 14 के सिंघहा गांव में वर्ष 2013 में बनवाए गए अमृत सरोवर में सब कुछ नदारत है। गांव वालों का कहना है कि जब से रजीत सिंह कुशवाहा ग्राम प्रधान बने हैं तब से अब तक अमृत सरोवर को देखने भी नहीं आए हैं। हालत यह है कि सरोवर में पानी भरवाना तो दूर पटरी पर बैठने के लिए बनी बेंच भी गायब है। आरोप है कि पटरिया की मिट्टी रोड पर डाल दी गई है। प्रधान की लापरवाही के चलते ग्रामीणों में आक्रोश है। वहीं पशु-पक्षी पानी पीने को तरस रहे हैं।
प्रधान रजीत सिंह का कहना है कि सरोवर में पानी भरवाने की सुविधा उपलब्ध नहीं है। पटरी खोदने के लिए उन्होंने ग्रामीणों को जिम्मेदार ठहराया। पंचायत सचिव बिजेंद्र अवस्थी ने बताया कि यह तालाब जल संरक्षण के लिए बनाए जाते हैं। बरसात होने पर उनमें पानी खुद भर जाएगा। सरोवर में पानी भरवाने के लिए बजट का कोई प्रावधान नहीं है। संवाद

गलरई गांव में बना अमृत जल विहीन सरोवर
बरबर/मोहम्मदी। क्षेत्र के गांव गलरई में 2022 में अमृत सरोवर ग्राम प्रधान बहादुर लाल ने बनवाया था। उन्होंने बताया कि बजट कम होने के कारण निर्माण पूरा नहीं हो सका। न ही सौंदर्यीकरण ही हो सका। सरोवर में पानी न होने से पशु-पक्षियों की प्यास नहीं बुझ पा रही है। वहीं मोहम्मदी के खजुहा ग्राम पंचायत में अमृत सरोवर तो बना है, लेकिन यहां भी पानी की कमी है। संवाद

जनपद में 416 अमृत तालाब बने हैं। अधिकांश में पानी है। जिनमें नहीं है उनमें नहर से पानी देने के लिए लिखा गया है। अमृत सरोवर के अलावा जनपद में 1030 तालाब हैं, जिसमें पानी है। - सुशांत सिंह, डीसी मनरेगा

बरबर के गलरई गांव में सूखा पड़ा अमृत सरोवर। संवाद

बरबर के गलरई गांव में सूखा पड़ा अमृत सरोवर। संवाद

बरबर के गलरई गांव में सूखा पड़ा अमृत सरोवर। संवाद

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